दूसरे मोबाइल नंबर से बुकिंग के मामले सामने आने पर अफसरों ने शासन से की सिफारिश
बरेली। नए नियमों के तहत नियत समय से पहले कोई भी वैक्सीन की दूसरी डोज लेने में सफल न हो पाए, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शासन से दूसरी डोज के लिए स्लॉट बुक कराने वालों का आधार नंबर के आधार पर सत्यापन कराने की सिफारिश की है। तर्क दिया गया है कि इससे वैक्सीन की बर्बादी कम होगी और पहली डोज के जरूरतमंदों को आसानी से टीके लग पाएंगे।
वैक्सीन की बरबादी रोकने के लिए पिछले दिनों शासन ने टीकाकरण के नियमों में बदलाव किए हैं। अफसरों का मानना है कि इसके बावजूद वैक्सीन की बरबादी पूरी तरह नहीं रुक पा रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पहली डोज लगवा चुके लोग दूसरी डोज लगवाने के लिए दूसरे मोबाइल नंबरों से स्लॉट बुक कर रहे हैं। इसके साथ पहली डोज की तिथि के आधार पर भी उनका स्लॉट बुक हो रहा है मगर निर्धारित तिथि पर वे लोग नहीं पहुंच रहे हैं। इसकी छानबीन पर पता चला कि उन्होंने दूसरे मोबाइल नंबर से स्लॉट बुक कर किसी और केंद्र पर टीका लगवा लिया है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि कोविन या आरोग्य सेतु एप से मोबाइल नंबर से ही वैरीफिकेशन होता है इसी कारण लोग दूसरे नंबर से स्लॉट बुक कराने में कामयाब हो रहे हैं। शासन से अब आधार नंबर से सत्यापन कराने का अनुरोध किया गया है ताकि वैक्सीन की बरबादी पर अंकुश लगे।
सर्टिफिकेट में खामियों से रुकी विदेश यात्रा
लॉकडाउन में विदेश से लौटे लोगों ने वैक्सीनेशन कराया। वापस विदेश जाने से पहले सर्टिफिकेट डाउनलोड किया तो पता चला कि उनका नाम और दूसरी कुछ जानकारियां गलत दर्ज हो गई हैं। इससे उनका विदेश लौटना लटक गया है। इस मामले में की गई शिकायत को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने शासन को अग्रेसित कर हफ्ते में एक दिन डीआईओ कार्यालय को पोर्टल पर एडिट का विकल्प मुहैया कराने का अनुरोध किया है ताकि प्रतिरक्षण प्रमाण पत्र में कोई खामी होने पर उसे जिला स्तर पर दूर किया जा सके।