बरेली। चिटफंड कंपनियां बनाकर लोगों से सैकड़ों करोड़ रुपये की ठगी के आरोपियों तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है। इनमें तीन आरोपियों सूर्यकांत मौर्य, शशिकांत मौर्य और कन्हैया गुलाटी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम है। आरके गोला उर्फ रूपकिशोर गोला हिस्ट्रीशीटर है। एसटीएफ और एसआईटी भी आरोपियों को गिरफ्तार करने में नाकाम साबित हो रही हैं। पुलिस का मुखबिर तंत्र भी फेल साबित हो रहा है।
आईसीएल म्युचुअल बेनिफिट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड के निदेशक आरके गोला और उसके भाई अवधेश गोला ने निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़प लिए। आरके गोला जेल जा चुका है। सशर्त जमानत पर छूटने के बाद अब तक उसने निवेशकों के रुपये नहीं लौटाए हैं। अवधेश गोला को दो साल में भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। आरके गोला के खिलाफ पिछले दिनों कोर्ट ने पांच गिरफ्तारी वारंट जारी किए, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका। अब पुलिस ने कोर्ट से 30 जुलाई तक का समय मांगा है। ठगी के इस मामले में आरके गोला और अवधेश गोला के अलावा अनिल साहू, जितेंद्र गुप्ता, दीपक कुमार, दिनेश कुमार और पुष्पेंद्र भी आरोपी हैं।
अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के निदेशक सूर्यकांत और शशिकांत मौर्य पर 50-50 हजार रुपये का इनाम है। इनका तीसरा भाई श्रीकांत भी आरोपी है। तीनों भाइयों ने अपनी कंपनियों में लोगों से निवेश कराया और सैकड़ों करोड़ रुपये डकार गए। तीनों भाई तकनीकी खामियों, राजनीतिक संरक्षण का लाभ उठाकर जांच एजेंसियों को चकमा दे रहे हैं। कैनविज कंपनी के निदेशक कन्हैया गुलाटी ने भी अपनी पत्नी और बेटे के साथ मिलकर सैकड़ों लोगों से 800 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। उसके खिलाफ भी 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है, लेकिन आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग रहा।