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बरेली बवाल: मौलाना तौकीर के करीबी नदीम के घर से बरामद हुआ वो पत्र, जिसके जरिए जुटाई गई थी भीड़

Sat, 20 Dec 2025 03:20 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली बवाल के मामले में मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबी नदीम खान को पुलिस ने रिमांड पर लेकर उसके घर से वह पत्र बरामद कर लिया, जिसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर लोगों की भीड़ जुटाई गई थी। 
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आरोपी मौलाना तौकीर रजा, आरोपी नदीम खान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में जिस पत्र के वायरल होने के बाद 26 सितंबर को शहर में बवाल की चिंगारी भड़की थी, पुलिस ने उसे मौलाना तौकीर रजा के करीबी नदीम खान के घर से बरामद कर लिया है। पुलिस शनिवार को आरोपी नदीम को चार घंटे की रिमांड पर लेकर आई। इस दौरान कोतवाली का इलाका छावनी बना रहा।

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25 सितंबर की रात आईएमसी के लेटरहेड पर मौलाना तौकीर की ओर से एक अपील जारी की गई थी। इसमें लोगों से शहर में न आने की अपील की गई थी। 26 सितंबर की सुबह नदीम ने उसी पत्र को दोबारा ग्रुपों में वायरल कर फर्जी बताया और लोगों से इस्लामिया मैदान पहुंचने की अपील की थी। 

लियाकत ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट 
पुलिस के मुताबिक, रात में आईएमसी नेता लियाकत खां के फर्जी हस्ताक्षर से पत्र जारी कराने में नदीम खान व नफीस खान की भूमिका थी। मौलाना की नजर में नंबर बढ़ाने के लिए नदीम ने सुबह उस पत्र को फर्जी बताकर रात वाली अपील का खंडन करते हुए लोगों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस्लामिया कॉलेज पहुंचने का आह्वान किया था। इससे भीड़ भड़क गई और पुलिस पर ही हमलावर हो गई थी। इस मामले में फरीदापुर निवासी लियाकत ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 
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आरोप लगाया कि 25 सितंबर को नदीम खान और डॉ. नफीस ने साजिशन फर्जी पत्र बनाया और उनके (लियाकत के) फर्जी हस्ताक्षर कर आईएमसी का अधिकारिक पत्र बताकर वायरल कर दिया। उसके बाद सुबह नदीम ने उसे फर्जी बता दिया। इससे पुलिस-प्रशासन व जनता गुमराह हो गई और शहर का माहौल भी बिगड़ गया। इसी मामले में कोतवाली पुलिस ने नदीम खान की कस्टडी रिमांड ली। नदीम को लेकर पुलिस उसके घर पहुंची और पत्र बरामद किया। 

वकीलों से पुलिस की तीखी बहस
इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में नदीम खान की रिमांड के लिए पत्र लिखा था। इसे लेकर कोर्ट में पुलिस ने अपना पक्ष रखा। पुलिस ने सात घंटे की रिमांड मांगी थी। बताया था कि नदीम ही बवाल का असली जिम्मेदार है। वहीं नदीम के वकीलों ने अपने मुवक्किल को शरीफ आदमी बताकर उत्पीड़न का आरोप लगाया। कोर्ट में लंबी बहस के बाद चार घंटे की रिमांड मंजूर की गई।

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एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि बवाल की साजिश रचने में नदीम का हाथ था। पहले उसने रात में लियाकत के फर्जी हस्ताक्षर से पत्र जारी कर पुलिस-प्रशासन को गुमराह किया। फिर सुबह सभी ग्रुपों में वही पत्र डालकर उसे फर्जी बताते हुए नई अपील जारी कर दी। इससे जनता को भड़काया गया। उसके घर से इसी पत्र को बरामद किया गया है। उसे जेल में फिर दाखिल कर दिया गया। 

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