पारिवारिक रिश्तों में उलझी तोताराम की हत्या की कहानी
सिरौली के तोताराम हत्याकांड में आरोपी फूलचंद की गिरफ्तारी के बाद एक ही परिवार में रिश्तों की उलझन भरी कहानी सामने आई। यहां पिता की जगह ले चुके फूलचंद को तोताराम की हत्या के बाद संपत्ति पर एकाधिकार का लालच था। आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की, लेकिन वजह को लेकर कन्नी काट गया।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने शनिवार रात आरोपी फूलचंद की गिरफ्तारी की बात स्वीकार की। सीओ आंवला नितिन कुमार ने भी स्थलीय जांच की रिपोर्ट उन्हें सौंपी। पता लगा कि तोताराम के पिता जगन की मौत 15 साल पहले हो गई थी। तब परिवार में तोताराम, उसका बड़ा भाई सुबोध और मां ओमवती रह गए।
ग्रामीणों ने बताया कि बीमारी के दिनों में ही जगन ने अपने मौसेरे भाई फूलचंद को बदायूं से बुला लिया था। उन्होंने दोनों बेटों व पत्नी की देखरेख की जिम्मेदारी उसे दे दी थी। उनकी मौत के बाद फूलचंद ओमवती को पत्नी की तरह रखने लगा। एक साल पहले तोताराम के भाई सुबोध की मौत हादसे में हो गई। तब सुबोध की पत्नी जावित्री को तोताराम अपनी पत्नी की तरह रखने लगा।
तोताराम के नाम करीब 24 बीघा जमीन थी, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ आंकी जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फूलचंद को लगता था कि तोताराम की मौत के बाद वह जावित्री को गुमराह कर यह जमीन हड़प लेगा या फिर जावित्री को भी रास्ते से हटा देगा। हालांकि, नशे में हत्या कर वह भाग निकला और अपने ही रचे खेल में फंस गया।