बरेली। मादक पदार्थ तस्करी, चोरी-लूट और पशु तस्करी के आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। 32 अपराधियों के सात नए गिरोह पंजीकृत किए हैं। अब इन पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
कमालपुर अलीगंज निवासी महिपाल पर गिरोह बनाकर मादक पदार्थों की तस्करी का आरोप है। उसके गिरोह में सिरौली के डालचंद्र गौटिया निवासी नरेशपाल और आंवला के मानपुर निवासी राजकुमार उर्फ डोरी सक्रिय हैं। मीरगंज थाने में इस गिरोह को पंजीकृत किया गया है। आंवला के ताड़गंज निवासी संजय यादव के तस्करी गिरोह में आंवला निवासी हरिओम वर्मा, ताड़गंज निवासी केशव उर्फ टेड़ा शामिल हैं। हरिओम पर जानलेवा हमले और मारपीट के मुकदमे भी हैं। गैंग का पंजीकरण आंवला थाने में किया गया है।
फतेहगंज पश्चिमी थाने में पंजीकृत गिरोह का सरगना गांव टिटौली का जुबैर है। गिरोह में गांव लोहारनगला निवासी मुन्ना उर्फ अभय प्रकाश, परमीलाल, सोमपाल और गांव सफरी निवासी सलीम शामिल हैं। मीरगंज के गांव असदनगर निवासी अमशुल गिरोह के साथ चोरी करता है। अमशुल के गिरोह में उसका भाई शमशुल और उसके गांव के इंतजार, गुड्डू, हसन, इकबाल, अल्ताफ, महताब, सलमान, सुरेंद्र और बिशारतगंज के ग्राम रूटिया निवासी मंसूर शामिल हैं। मीरगंज थाने में मामला दर्ज कर निगरानी की जा रही है।
चोरों-लुटेरों का सरगना भी फंसा : सीबीगंज के मथुरापुर निवासी सचिन सैनी चोरी और लूट करता है। सचिन के गैंग में कैंट उमरसिया निवासी सुनील, इज्जतनगर छोटी विहार का राहुल, कांकरटोला का अभिषेक चौधरी शामिल हैं। भुता थाने में गैंग पंजीकृत किया गया है। शाहजहांपुर के कटरा का आरिफ उर्फ शावेज पशु तस्कर है।
कैंट थाने में पंजीकृत उसके गैंग में कटरा का ही रहबर उर्फ अनस भी शामिल है। क्योलड़िया के परतीतपुर निवासी अर्जुन यादव हत्या करता रहा है। गिरोह में उसके ही गांव के विजय, रूपेंद्र यादव, पंकज यादव सक्रिय हैं। क्योलड़िया थाने में गैंग पंजीकृत किया गया है। ब्यूरो