बिकती रहीं सरकारी जमीनें, जिम्मेदार खाते रहे मलाई
सूत्रों के मुताबिक करीब तीस साल पहले सीलिंग की जमीन को आरिफ, नेतराम, चंपा देवी, द्वारिका आदि ने अपना बताकर बेचा था। जांच में पता लगा है कि यह लोग सरकारी जमीन की आपस में खरीद फरोख्त करते रहे, लेकिन उस वक्त से लेकर अब तक तहसील व अन्य विभागों के जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे रहे। रजिस्ट्री दफ्तर में सांठगांठ कर सरकारी जमीनों के बैनामे करा लिए गए। चार्जशीट में तत्कालीन अफसरों पर शिकंजा कस सकता है। लेखपाल से कानूनगो तक फंस सकते हैं।