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नेता है तो क्या हुआ, चलो अंदर

Thu, 15 Jan 2015 01:16 AM IST
बरेली
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नशे में धुत शिवसेना नेता को कोतवाली के सामने जीआईसी रोड पर रिक्शा चालक की पिटाई करना मंहगा पड़ गया। शिवसेना पदाधिकारी को पहले पब्लिक ने पीटा और पुलिस को सौंप दिया। पदाधिकारी कोतवाल से भिड़ गया तो वहां भी उसकी धुनाई हुई। पैरवी के लिए पहुंचे शिवसेना के महानगर प्रमुख पंक ज पाठक और उसके साथियों से इंस्पेक्टर की नोेंकझोंक भी हुई। पंकज के खुद को जनप्रनिधि बताकर अपनी अहमियत दिखाने पर अनिल समानिया ने कहा मैं भी इंस्पेक्टर हूं। रिक्शे वाले को पीटा है, कार्रवाई होगी।
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बुधवार की रात करीब साढ़े आठ बजे सुभाषनगर की राजीव नगर कालोनी निवासी शिवसेना की युवा इकाई के महानगर उपाध्यक्ष सुशील कुमार बाइक खड़ी करके कोतवाली के सामने जीआईसी रोड पर खड़े थे। इस दौरान रिक्शा चालक इंद्रपाल सिंह ने उन्हें रोड से थोड़ा हटकर खड़ा होने को कह दिया। यह बात नेता जी को इतनी बुरी लगी कि उन्होंने रिक्शा चालक की पिटाई कर दी। उसके कपड़े फाड़ डाले। पड़ोस में पान-बीड़ी का खोखा चलाने वाले मुकेश बाबू कश्यप बचाने आए तो उनके साथ भी मारपीट कर दी। बीच सड़क पर नेता जी को तांडव करते देख आसपास के दुकानदारों ने उन्हें पकड़ लिया और पीटते हुए कोतवाली ले आए। प्रभारी निरीक्षक ने दुकानदारों की तरफ से सुशील का दाखिला कराकर मेडिकल करा दिया। मेडिकल में शराब पीने की पुष्टि हो गई। शिवसेना नेता के खिलाफ शांति भंग की आशंका में कार्रवाई कर दी गई। सूचना पर शिवसेना के महानगर प्रमुख पंकज पाठक ने सुशील कुमार के बारे में जानकारी की और उसे बेगुनाह बताने लगे। उनके साथ आए शिवसेना के कार्यकर्ता भी रिक्शा चालक की गलती बताकर दबाव बना रहे थे। इसे लेकर इंस्पेक्टर की शिवसैनिकों से काफी देर तक नोंकझोंक हुई। पंकज से इंस्पेक्टर ने दो टूक कह दिया कि आप नेता हो तो मैं भी इंस्पेक्टर हूं। रिक्शा चालक को नशे में पीटने का नेताओं को हक किसने दिया। जाइए, इसमें कुछ नहीं हो पाएगा। बृहस्पतिवार को जमानत करा लेना, इसके अलावा कुछ नहीं हो सकता है। इंस्पेक्टर का कड़ा मिजाज देखकर शिवसैनिक कोतवाली से लौट गए।
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