पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के दूसरे चरण की तैयारियों के लिए बुलाई गई जिला टास्क फोर्स की बैठक से अनुपस्थित रहने पर नवाबगंज के मेडिकल आफीसर इंचार्ज बीपी सिंह को हटा दिया। एक घंटे में कार्रवाई के डीएम के आदेश पर सीएमओ ने मेडिकल आफीसर को नवाबगंज से हटाते हुए डीएम को अवगत भी करा दिया। आनन फानन में हुई इस कार्रवाई से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप है। इनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें थीं और एक वरिष्ठ अधिकारी इन्हें बचाते रहते थे।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिला टास्क फोर्स की बैठक में जिलाधिकारी संजय कुमार ने पोलियो अभियान की समीक्षा की। उन्होंने जिले में महज 55 फीसदी पोलियोरोधी टीकाकरण पर नाराजगी जताई। नवाबगंज की समीक्षा का वक्त आया तो पता चला मेडिकल आफीसर नवाबगंज बीपी सिंह गायब हैं। उनके खिलाफ पहले भी बैठक और ड्यूटी से गायब रहने की शिकायत आती रही है। इसके अलावा डीएम ने पल्स पोलियो तथा टीकाकरण अभियान में सहयोग न करने वाली आंगनबाड़ी वर्कर्स, आशा और एएनएम के खिलाफ भी कार्यवाही और वेतन रोकने, प्रतिकूल प्रविष्टि देने और वेतनवृद्धि रोकने के भी आदेश दिए। बैठक में सीएमओ डा. विजय यादव, डिप्टी सीएमओ डा. मनोज शुक्ला, बीएसए, डीआईओएस, जिला कार्यक्रम अधिकारी के अलावा यूनिसेफ के पदाधिकारी और स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी मौजूद थे।
17 को रैली, 18 से अभियान
दूसरे चरण के अभियान को सफल बनाने के लिए डीएम ने लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने 17 जनवरी को विभिन्न स्थानों पर स्कूली बच्चों की रैली निकालने और 18 जनवरी को अधिक संख्या में बूथ लगाकर बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाने के निर्देश दिए। 19 फरवरी से 23 फरवरी तक टीम घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो का बूस्टर डोज पिलाएगी। इसके बाद भी पोलियो ड्राप से वंचित रह गए बच्चों के लिए 27 जनवरी को स्वास्थ्य केंद्र बुलाकर दवा पिलाई जाएगी।
बीपी सिंह के खिलाफ पहले भी ड्यूटी में न जाने और बैठकों से गायब रहने की शिकायत मिली थी। टीकाकरण कम है। 50 फीसदी से कम टीकाकरण वाले बूथों पर सभी की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
संजय कुमार, जिलाधिकारी, बरेली