फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: पुलिस के गले की फांस, गुमनाम लाशें मांग रहीं इन्साफ

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। सवा साल में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मिले छह युवतियों के शव पुलिस के गले की फांस बने हुए हैं। हत्यारों का सुराग लगाना तो दूर की बात है, पुलिस अब तक इन शवों की पहचान तक नहीं करा पाई है। हर बीतते दिन के साथ इन मामलों में इन्साफ की उम्मीद क्षीण हो रही है।
विज्ञापन

शाही व शीशगढ़ थाना क्षेत्र में एक ही तरीके से की गई महिलाओं की हत्या का खुलासा कर पुलिस ने साइको किलर कुलदीप को गिरफ्तार किया था। वह इस समय जेल में है। इधर, छह और युवतियों की हत्या के मामलों का खुलासा पुलिस के गले की फांस बना हुआ है। इन शवों की पहचान कराना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। सभी शव जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अलग-अलग दिनों में बरामद किए गए थे। हत्या का तरीका भी अलग-अलग ही था।
ज्यादातर शव हाईवे से सटे खेतों या झाड़ियों में मिले। अंदेशा है कि यह शव पड़ोसी राज्य उत्तराखंड या प्रदेश के ही दूसरे जिलों के हैं। अधिकतर मामलों में शवों के चेहरे खराब कर दिए गए थे। इस कारण भी उनकी पहचान में अड़चन आ रही है।
विज्ञापन

इन शवों की नहीं हुई पहचान
- 20 दिसंबर, 2023 को युवती की हत्या कर शव फेंकने का पहला मामला हुआ था। कैंट के नकटिया जंगल में उसका शव मिला था।
- 30 जनवरी 2024 को सीबीगंज थाने के परधौली गांव के पास हाइवे किनारे एक खेत में युवती का शव मिला था। शव बड़ी सफेद चादर में बंधा था। लग रहा था कि किसी होटल में गला दबाकर हत्या कर शव यहां फेंका गया है।
- आठ अप्रैल 2024 को बिथरी थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे एक बोरे में युवती का शव मिला था। उसकी भी गला कसकर हत्या की गई थी।
- 16 जुलाई 2024 को मीरगंज थाने में कुल्छा गांव के पास युवती का शव मिला। उसकी हत्या गला दबाकर की गई थी।
- दो दिसंबर 2024 को फतेहगंज पूर्वी में हाईवे से सटे संपर्क मार्ग के किनारे यूकेलिप्टस के बाग में युवती का शव मिला था। दुष्कर्म के संकेत मिले, गला काटकर हत्या की गई थी।
- 28 दिसंबर 2024 को हाफिजगंज के लाड़पुर गांव के ईंट भट्ठा परिसर में युवती का शव मिला था। ब्यूरो


सभी मामलों में पुलिस ने खुलासे के अधिकतम प्रयास किए हैं। डीसीआरबी के जरिये एनसीआरबी तक डाटा भेज रखा है। दूसरे जिलों व प्रदेशों के थानों की गुमशुदगी से शवों के फोटो आदि का मिलान कराया गया है। जिन स्थानों पर शव मिले वहां के हजारों फोन नंबरों को सर्च किया जा चुका है। अब भी यह प्रक्रिया जारी है। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी उत्तरी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें