बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने तीन छात्राओं को स्कूल के बाहर से बहला-फुसलाकर गलत नीयत से गन्ने के खेत में ले जाने के दोषी भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव सुरला निवासी डालचंद्र को शनिवार को चार साल की कैद और 45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को तीन माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
भोजीपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव के स्कूल में 10 जनवरी 2019 को दोपहर में भोजनावकाश के दौरान तीन छात्राएं बाहर लगे हैंडपंप पर पानी पीने गई थीं। वहां से डालचंद्र छात्राओं को टॉफी दिलाने और बेर तोड़ने के बहाने बहला-फुसलाकर स्कूल से 100 मीटर दूर गन्ने के खेत में ले गया। कुछ छात्राओं ने इस बारे में शिक्षकों को बताया तो स्कूल स्टाफ गन्ने के खेत के पास पहुंचा। देखा तो वहां डालचंद्र छात्राओं के साथ छेड़खानी कर रहा था। इस मामले में प्रधानाध्यापक ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। गवाहों और पीड़ित छात्राओं के बयानों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव ने दुष्कर्म और आईटी एक्ट के मामले में आरोपी बारादरी थाना क्षेत्र के हजियापुर निवासी फैजल की जमानत याचिका शुक्रवार को निरस्त कर दी। एक महिला ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि फैजल ने उसकी ननद और पति की हत्या की धमकी देकर उसको चुंगी स्थित फैजल की दुकान पर बुला लिया। इसके बाद उसे कमरे पर ले गया और दुष्कर्म करने की कोशिश की। किसी तरह से वह वहां से बचकर निकली। आरोपी ने उसका वीडियो बना लिया और दो लाख रुपये वसूले। उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में वीडियो वायरल कर दिया।
-
बीमा विवाद में 1.80 लाख रुपये भुगतान का दावा खारिज
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम ने पंजाब नेशनल बैंक और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के खिलाफ दायर 1.80 लाख रुपये के बीमा दावे से संबंधित परिवाद को निरस्त कर दिया।
अशोक विहार निवासी सुषमा रानी ने आयोग में परिवाद दायर कर बताया था कि उनके पति विजय कुमार ने वर्ष 2018 में पंजाब नेशनल बैंक से रुपे डेबिट कार्ड बनवाया था। 22 सितंबर 2022 को विजय कुमार की दुर्घटना में मृत्यु के बाद बैंक से बीमा का दावा किया गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। परिवादियों ने एक लाख रुपये बीमा राशि, 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 30 हजार रुपये वाद व्यय सहित कुल 1.80 लाख रुपये दिलाने की मांग की थी।
पंजाब नेशनल बैंक ने आयोग को बताया कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने एक अप्रैल 2020 से रुपे क्लासिक डेबिट कार्ड पर मिलने वाली दुर्घटना बीमा सुविधा वापस ले ली थी। इसी कारण बीमा कंपनी के समक्ष दावा स्वीकार करने का कोई आधार नहीं था। न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी ने भी अपना पक्ष रखा।
आयोग ने माना कि संबंधित रुपे डेबिट कार्ड से जुड़ी दुर्घटना बीमा योजना एक अप्रैल 2020 को समाप्त हो चुकी थी, इसलिए मृत कार्डधारक के आश्रित का बीमा लाभ का अधिकार नहीं बनता। आयोग के अध्यक्ष राधेश्याम यादव, सदस्य मुक्ता गुप्ता और प्रशांत मिश्रा की पीठ ने छह जुलाई को परिवाद निरस्त कर दिया।