भोजीपुरा-पीलीभीत ब्राडगेज ट्रैक तैयार हो चुका है। 20 अक्तूबर को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) पूर्वोत्तर परिमंडल लखनऊ प्रभात कुमार भोजीपुरा-पीलीभीत ब्राडगेज ट्रैक का निरीक्षण करेंगे। सीआरएस की हरी झंडी मिलने के बाद इस ब्राडगेज ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। इसके बाद पीलीभीत सीधे आगरा और कान्हा की नगरी मथुरा से जुड़ जाएगा।
करीब 104 किलोमीटर लंबे भोजीपुरा-टनकपुर रेल मार्ग पर अमान परिवर्तन का कार्य दो खंडों में किया जा रहा है। शुरुआत 27 नवंबर 2015 को हुई थी। उद्घाटन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने किया था। इसके लिए 435 करोड़ का बजट तय किया गया था। भोजीपुरा व पीलीभीत के बीच 38 किलोमीटर अमान परिवर्तन का कार्य पूरा हो चुका है। पूर्वोत्तर रेलवे जीएम इस ट्रैक का निरीक्षण भी कर चुके हैं। 20 अक्तूबर की सुबह स्पेशल ट्रेन से सीआरएस बरेली पहुंचेंगे। यहां से भोजीपुरा जाएंगे। वहां से पीलीभीत तक ब्राडगेज ट्रैक का निरीक्षण करेंगे। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही भोजीपुरा-पीलीभीत ब्राडगेज ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ाने के लिए सीआरएस की हरी झंडी मिल जाएगी। यानी भोजीपुरा-पीलीभीत के बीच अक्टूबर के आखिर तक ट्रेनें चलने लगेंगी।
भोजीपुरा से बरेली सिटी स्टेशन तक ब्राडगेज लाइन पहले से है। बरेली सिटी व जंक्शन को सीधे एनईआर की लाइन से जोड़ने का कार्य चल रहा है। बरेली जंक्शन से कासगंज, आगरा और मथुरा तक पहले से ब्राडगेज ट्रैक है। जल्द ही पीलीभीत से सीधे आगरा और मथुरा के बीच ट्रेनें चलने लगेंगी।
भोजीपुरा-पीलीभीत ब्राडगेज ट्रैक के निरीक्षण को सीआरएस ने 20 अक्तूबर तय की है। सीआरएस की हरी झंडी मिलने के बाद जल्द ही ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा - राजेंद्र सिंह, पीआरओ इज्जतनगर रेल मंडल