कार सवार को रोकती महिला पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
टीएसआई से की हाथापाई, बाद में कार लेकर भाग गया
बरेली। कार रोकने से खफा सरकारी अस्पताल के फार्मेसिस्ट ने महिला सिपाहियों को कार से कुचलने की कोशिश की। ऐन मौके से सिपाही हट र्गइं, वरना कुचल जातीं। मौके पर मौजूद टीएसआई से भी उसने हाथापाई की और फिर कार लेकर भाग गया। बाद में पुलिस ने फार्मेसिस्ट को पकड़ लिया और थाने ले आई, लेकिन सिपाहियों के तहरीर न देने पर उसे छोड़ दिया गया। यह घटना काफी देर तक चर्चा में रही।
श्यामगंज पुलिस चौकी के पास सीवर लाइन के लिए खुदाई हो रही है। लिहाजा शहदाना से शहामतगंज की ओर जाने वाले ट्रैफिक को रोकने के लिए वहां टीएसआई कमलेश ठाकुर और बारादरी थाने की पुलिस तैनात थी। दोपहर एक बजे तीन सौ बेड अस्पताल में काम करने वाला एक फार्मेसिस्ट बिना नंबर की कार लेकर उधर से गुजरा तो चौराहे पर तैनात महिला सिपाहियों ने उसे रोकने की कोशिश की। इस पर वह भड़क गया। उसने वर्दी उतरवाने की धमकी देते हुए कार को बीच सड़क पर खड़ा कर दिया। इससे जाम लग गया। टीएसआई कमलेश ठाकुर ने चालान करने को कहा तो वह वह उनसे भी भिड़ गया और हाथापाई शुरू कर दी। हंगामा होता देख मौके पर भीड़ जमा हो गई। महिला सिपाही कार के आगे खड़ी हो गईं और इंस्पेक्टर नरेश त्यागी के आने तक उसे रुकने के लिए कहा, लेकिन फार्मेसिस्ट ने तेजी से कार आगे बढ़ा दी। महिला सिपाही कूदकर एक तरफ हट गईं, नहीं तो कार से कुचल जातीं। फार्मेसिस्ट कार दौड़ाता हुआ अस्पताल पहुंच गया। पीछे से टीएसआई कमलेश ठाकुर भी वहां पहुंच गए और उसे थाने ले आए, लेकिन इंस्पेक्टर ने कोविड-19 की ड्यूटी को हवाला देकर उसने थाने से छोड़ दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि फार्मेसिस्ट इमरजेंसी ड्यूटी पर था। महिला सिपाहियों ने भी उसके खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी थी, इसलिए उसे जाने दिया।