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दर्दनाक घटना: कमरे का नजारा देख कांपे लोग, घर में खड़ी बाइकों के कटे थे पेट्रोल पाइप; बड़ा सवाल-हत्या या हादसा

Mon, 29 Jan 2024 10:02 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। यहां सदिग्ध हालत में हलवाई और उसके परिवार की जलकर मौत हो गई। हादसे में पति-पत्नी और तीन बच्चों की मौत हुई है। जिस कमरे में परिवार था, उस कमरे में बाहर ताला लगा था। 
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मंजर देखकर दहल उठे लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के फरीदपुर के मोहल्ला फर्रखपुर में शनिवार रात बाहर से बंद मकान में पेशे से हलवाई अजय गुप्ता, उनकी पत्नी अनीता और तीन बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई। कमरे में बाहर ताला लगा होने और अंदर ताले की चाबी व हीटर-ब्लोअर जले मिलने से इन मौतों की गुत्थी उलझ गई है। 
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पुलिस हत्या या दम घुटने से हादसा होने के बिंदुओं पर अलग-अलग जांच कर रही है। आईजी व एसएसपी ने मौके का मुआयना कर विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। अग्निशमन और फॉरेंसिक टीमें जांच में जुटी हैं।

अजय गुप्ता उर्फ टिंकल (36) शादी समारोह में हलवाई का काम करते थे। बाकी दिनों में एक खोखा पर सब्जी रोटी बेचते थे। उनका पैतृक मकान छोटा होने की वजह से मोहल्ले में ही अपने फुफुआ ससुर का मकान किराए पर लेकर परिवार सहित रह रहे थे। 
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परिवार में पत्नी अनीता गुप्ता (34), दो बेटे दिव्यांश (9), दक्ष (3) व बेटी दिव्यंका (6) थे। रात में परिवार खाना खाकर सो गया था। रविवार सुबह आठ बजे अजय के तहेरे भाई राजेंद्र गुप्ता अपनी बाइक लेने अजय के घर पहुंचे। उन्होंने मकान का मेन गेट खटखटाया लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। 

राजेंद्र करीब 20 मिनट दरवाजा खटखटाते रहे लेकिन कोई बाहर नहीं आया। उन्होंने गौर किया तो घर के अंदर से धुंआ निकल रहा था। तब राजेंद्र व पड़ोस के लोग पड़ोसी की छत के सहारे घर में पहुंचे तो देखा कि कमरे के अंदर से आग की लपटें व धुआं निकल रहा था।


 

कमरे के गेट पर बड़ा ताला लगा था और कमरे के अंदर आने जाने का कोई अन्य रास्ता भी नहीं था। राजेंद्र ने प्रयास किया तो ताला नहीं टूटा पर गेट का कुंडा निकल गया और गेट खुल गया। लोगों ने कमरे के अंदर का मंजर देखा तो हिल गए। वहां अजय और पांचों लोगों के शव जली अवस्था में पड़े थे। 

 

तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जल रहे शवों को पानी डालकर बुझाया। शव पहचान लायक भी नहीं रहे थे। थोड़ी देर में आईजी डॉ. राकेश सिंह, एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान समेत अन्य अधिकारी पहुंच गए। सीएफओ चंद्रमोहन शर्मा के नेतृत्व में अग्निशमन टीम ने जांच की तो फॉरेंसिक टीम भी जांच करने पहुंची।

घर में खड़ी बाइकों के पेट्रोल पाइप कटे मिले
उधर, अजय गुप्ता की बाइक सहित उनके घर में खड़ीं तीन बाइकों के पेट्रोल पाइप कटे होने और टंकियां खाली होने की बात कहकर तहेरे भाई ने हत्या की साजिश का अंदेशा जताया। हालांकि पुलिस ने इसे दोपहर बाद की गई शरारत बताकर खारिज कर दिया।

अजय गुप्ता, उनके तहेरे भाई राजेंद्र और राजेंद्र के भाई की बाइक अजय के घर पर ही खड़ी होती थीं। दोपहर बाद राजेंद्र व परिजनों ने बताया कि तीनों बाइकों के पेट्रोल पाइप कटे हुए हैं। किसी की टंकी में पेट्रोल नहीं था। राजेंद्र ने बताया कि अजय की बाइक में तीन-चार लीटर पेट्रोल हमेशा रहता था। उसका हलवाई का काम था और वह बाइक से कारीगरी का सामान लाता रहता था। 
 

राजेंद्र ने बताया कि उन्होंने मौके पर आए पुलिसकर्मियों को बाइकों में पेट्रोल न होने व पाइप कटे होने की जानकारी दी। इसको लेकर मोहल्ले में चर्चा और तेज हो गई कि कहीं पेट्रोल डालकर तो इन लोगों को नहीं जला दिया गया। 

 

पुलिस ने खारिज किया तर्क
बाइकों की पेट्रोल टंकी खाली होने व पाइप कटे होने के तर्क को पुलिस ने खारिज कर दिया। कहा कि दिन में जब अग्निशमन व फॉरेंसिक टीम  समेत अधिकारियों ने जांच की तो इस तरह की स्थिति नहीं थी। शाम को अचानक यह बात जोरशोर से प्रचारित की जा रही है। बताया कि न तो कमरे में और न ही शवों पर पेट्रोल की गंध के निशान मिले।
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पोस्टमॉर्टम में भी पेट्रोल से जलकर मौत का संकेत नहीं मिला। यह शरारती तत्वों की हरकत है। एसएसपी ने यह भी तर्क दिया कि पेट्रोल डालते या आग लगाते समय लोग बचने को भाग सकते थे और इस स्थिति में उनके शव गेट के पास मिलते, जबकि सभी शव वहीं मिले जहां वह सो रहे थे।
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