मीरगंज। शाही थाना क्षेत्र के गांव गौसगंज में एक साल पूर्व हुए सांप्रदायिक बवाल के बाद आज तक स्थायी पुलिस चौकी नहीं खोली जा सकी है। फिलहाल, अस्थायी पुलिस चौकी यहां एक मकान में चल रही है।
पिछले साल 19 अगस्त को शाही थाने के गांव गौसगंज में मोहर्रम को लेकर सांप्रदायिक बवाल हो गया था। इसमें पूर्व प्रधान के बेटे की हत्या हो गई थी। उपद्रवियों ने घरों में घुसकर दर्जन भर महिला एवं पुरुषों को घायल कर दिया था। इसमें 59 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया गया था। कार्रवाई की डर से मुस्लिम समुदाय के 40 परिवार गांव से पलायन कर गए थे। सामाजिक लोगों के समझौते पर कुछ परिवारों को गांव में दो महीने पहले बसाया गया था। लोगों की मांग पर यहां एक मकान में अस्थायी पुलिस चौकी को स्थापित किया गया था। प्रशासन ने गांव में अमन चैन बनाए रखने के लिए पुलिस चौकी बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी जमीन का चिह्नीकरण नहीं हो सका है। संवाद
एक-दो दिन में जमीन चिह्नित की जाएगी : एसडीएम
थानाध्यक्ष शाही अमित कुमार बालियान ने बताया कि इस समय गांव में एक मकान में अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की है। वहां एक दरोगा और चार सिपाही तैनात हैं। जगह मिलने पर जन सहयोग से चौकी बनवाई जाएगी। एसडीएम तृप्ति गुप्ता ने बताया कि गांव में ग्राम समाज की जगह को चिह्नित करने के लिए लेखपाल और कानूनगो को निर्देश दिया गया है। एक-दो दिन में पुलिस चौकी के लिए जमीन चिह्नित कर दी जाएगी। संवाद