कुष्ठाश्रम से लगी उदयपुर खास की 9740 वर्ग मीटर जमीन अभिलेखों में नगर निगम के ट्रेचिंग ग्राउंड के रूप में दर्ज है। इस जमीन पर नगर निगम पार्किंग आदि बनाने की योजना बना रहा है। इस जमीन पर कब्जा लेने के लिए निगम की टीम ने पहले कई बार प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। अब शहर को स्मार्ट सिटी के तहत विकसित करने की तैयारी है तो उसी हिसाब से नगर निगम अपनी बेशकीमती जमीनों पर सरकारी प्रोजेक्ट उतार रहा है।
इसी के तहत शनिवार की दोपहर एक बजे नगर निगम की टीम अपर नगरायुक्त अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में उदयपुर खास पहुंची। यहां जैसे ही जेसीबी संबंधित जमीन की ओर मुड़ी तो वृद्धाश्रम के लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। यहां बनी पक्की दीवार को जेसीबी से गिराया गया और जेसीबी आगे बढ़ गई। बाद में महिलाएं जेसीबी के सामने आकर खड़ी हो गईं। नगर निगम की टीम ने उन्हें हटने के लिए कहा और जेसीबी आगे बढ़ाने के आदेश दिए गए तो महिलाओं ने पथराव शुरू कर दिया। जेसीबी के चालक जैसे-तैसे फेंकी जा रहीं ईंटों से खुद को बचा पाए। उन्होंने चारों ओर के शीशे बंद कर लिए।
जेसीबी पर चढ़ गईं महिलाएं, मामला बढ़ने पर पुलिस पर किया हमला
मौके पर पथराव होता देख माहौल गरमा गया। इसी दौरान वृद्धाश्रम में रह रहे बीमार लोग भी पहुंच गए। वह जमीन पर लेट गए। महिलाएं जेसीबी पर चढ़ गईं। पुलिस की टीम आगे बढऩे को तैयार नहीं थी। अधिकारियों को वापस सड़क पर आना पड़ा। रणनीति बनाते रहे। उसी दौरान एक व्यक्ति पुलिस के हाथ लग गया। अपर नगरायुक्त व पुलिस ने संबंधित व्यक्ति पर दबाव बनाया कि वह लोगों को उकसा रहा है। कार्रवाई होते देख वह कुछ ही देर में निकल गया।
नगर निगम के अधिकारियों ने इसकी सूचना नगरायुक्त व पुलिस के बड़े अधिकारियों को दी। उसके बाद बड़ी संख्या में फोर्स पहुंची। उन्होंने लोगों को जबरन उठाना शुरू कर दिया। एक युवक उठने को तैयार नहीं था तो मारपीट कर उसे उठा लिया गया। महिलाएं पुलिस पर हमलावर हो गईं। युवक को हिरासत में लिया गया और जेसीबी आगे बढ़ा दी गई। जेसीबी ने जैसे ही खाई खोदना शुरू किया तो महिलाएं व बच्चे रो पड़े। काफी देर तक बवाल चला। शाम तक नगर निगम की टीम ने इस जमीन पर कब्जा ले लिया। माहौल की सूचना मिली तो सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय मौके पर पहुंचे।