अजमेर शरीफ में ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स पर आला हजरत के लिखे सलाम को पढ़ने पर हुए बवाल पर बरेली की आला हजरत दरगाह से जुड़े लोगों ने अफसोस जताया है। शनिवार देर रात अजमेर में दो स्थानों पर अकीदतमंदों से मारपीट की घटनाएं हुईं थीं। वीडियो भी वायरल हुआ है।
दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी ने कहा कि आला हजरत को गरीब नवाज से अलग करके नहीं देखा जा सकता और न कोई अलग कर सकता है। आला हजरत ने तो गरीब नवाज का खादिम व गुलाम बन कर ही उनका पूरी जिंदगी काम किया। जो लोग बरेली शरीफ और अजमेर शरीफ को लड़ाने का प्रयास कर रहे हैं वह कामयाब नहीं हो सकते।
मारपीट की घटना शर्मनाक
दरगाह से जुड़े संगठन जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खां ने कहा कि अजमेर शरीफ में मस्जिद और दरगाह के एक दरवाजे पास आला हजरत का सलाम पढ़ने को लेकर कुछ बदअमनी हुई है। वहां जाने वाले सभी आशिके गरीब नवाज है। गरीब नवाज का दर बरेलवियों के अकीदत का मरकज है। वहां मारपीट की घटना शर्मनाक है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। इत्तेहाद-ए-मिल्लत-कौंसिल की बैठक कैंप कार्यालय पर आयोजित की गई।
आईएमसी प्रवक्ता डॉ. नफीस खान और मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी ने कहा कि विवाद निंदनीय है। ऐसा होने का अंदेशा पहले ही था। इसी को महसूस करते हुए आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां अजमेर शरीफ गए थे। वहां बातचीत के बाद काफी मसले हल भी हो गए थे। गैर जिम्मेदार लोगों ने भड़काने का काम किया। मौलाना तौकीर रजा वहां जाकर जिम्मेदारों से बात करेंगे।