दरगाहों में सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए पढ़ी गई नमाज।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
समस्या के समाधान को आज एडीजी से मिलेंगे मुतवल्ली
बरेली। लॉकडाउन के दौरान सोमवार से धार्मिक स्थलों को खोलने की छूट के बावजूद दरगाह शाहदाना वली को बंद रखने का निर्णय अकीदतमंदों को रास नहीं आया। उन्होंने सोमवार सुबह हंगामा करते हुए दरगाह आते वक्त मुतवल्ली को रास्ते में घेर लिया। सूचना पर पहुंची चीता पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत किया। समस्या के समाधान के लिए अब मुतवल्ली मंगलवार को एडीजी से मिलेंगे।
शासन से सोमवार से धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति मिलने पर रविवार शाम पुलिस लाइन में डीएम-एसएसपी ने धर्मगुरुओं के साथ बैठक की थी। इसमें धर्मस्थलों में सामाजिक दूरी के नियम का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने साफ कहा कि अगर किसी धर्मस्थल में भीड़ जुटी तो उसके जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। इस पर शाहदाना वली दरगाह के मुतवल्ली ने प्रशासन के कहने पर फिलहाल दरगाह न खोलने का निर्णय लिया, लेकिन यह फैसला अकीदतमंदों को रास नहीं आया। सोमवार सुबह करीब आठ बजे जब मुतवल्ली अब्दुल वाजिद घर से दरगाह आ रहे थे तभी 20-25 लोगों ने उन्हें घेर लिया और दरगाह खोलने का दबाव बनाते हुए हंगामा करने लगे। सूचना पर तुरंत चीता पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत किया। इसके बाद रोजाना की तरह गिनती के लोगों ने दरगाह में नमाज पढ़ी।
शाहदाना वली दरगाह के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद ने बताया कि अधिकारियों ने मीटिंग में दरगाह बंद रखने की सलाह दी थी। चूंकि यहां बीमार लोग इलाज के लिए आते हैं, इसके चलते संक्रमण का खतरा है। दरगाह न खुलने से लोग नाराज हैं, लेकिन हंगामा जैसी कोई बात नहीं थी। लोगों से बैठकर बात की जाएगी। दरगाह पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए एसएसपी से पुलिस की मांग की गई थी, जो अब तक नहीं मिली है। अब मंगलवार को एडीजी जोन अविनाश चंद्र से मिलकर समस्या का समाधान निकाला जाएगा।