'लोक सेवक का पद मौज-मस्ती के लिए नहीं'
न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने अपने आदेश में लिखा है कि लोक सेवक का पद मौज-मस्ती करने के लिए नहीं बनाया गया है। लोक सेवक के पास तमाम जिम्मेदारी होती हैं। क्षेत्राधिकारी द्वितीय ने पर्यवेक्षण के दौरान अपनी अधिकारों का प्रयोग नहीं किया। संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए एसएसपी को लिखा है।