बरेली। विंटर डायरिया, निमोनिया, वायरल रोगाें के साथ ओपीडी में नेत्र रोगियों की संख्या भी बढ़ी है। माह भर पहले 70-80 मरीजों की संख्या अब डेढ़ सौ के पार पहुंच गई है। डॉक्टर ने सर्दियों में आंखों में कोहरा और धुंध से धूल के कण पहुंचने से संक्रमण बढ़ने की बात कही है।
तीन सौ बेड अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शेर अली के मुताबिक कंजेक्टिवाइटिस (आंख आना) और जलन-खुजली के मामले बढ़ गए हैं। क्योंकि ठंड की हवा में धूल ज्यादा रहती है। इसके साथ ही बंद जगह पर ज्यादा रहने से वायरस, बैक्टीरिया फैलते हैं।
इसमें सर्दी-जुकाम के साथ आने वाले वायरल इंफेक्शन जैसे एडिनोवायरस, बैक्टीरियल इन्फेक्शन (स्ट्रेप, स्टैफ) भी कंजेक्टिवाइटिस करते हैं। शुष्क हवा में आंख में नमी कम होने, धुआं या प्रदूषण से हुई एलर्जी के चलते आंखों में लालिमा, पानी आना, खुजली, किरकिरापन होने की समस्या अधिक है। दवा के साथ बचाव के सुझाव दे रहे हैं।
इससे बचाव के लिए आंखों को छूने से पहले और बाद में हाथ धोने और आंखों को न रगड़ने के लिए कहा है। जलन और खुजली कम करने के लिए साफ कपड़े से ठंडी सिकाई करने, लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स और ह्यूमिडिफायर प्रयोग करने, एलर्जी से बचने का सुझाव दिया जा रहा है। ब्यूरो