स्वालेनगर की रजा कॉलोनी में घरों में जलभराव, जलनिकासी का सिस्टम ध्वस्त होने का खामियाजा भुगत रहे लोग
बरेली। तीन दिनों से जारी बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। सोमवार को 61.8 मिमी बारिश हुई। इससे सड़कों के साथ ही निचले इलाके में लोगों के घरों तक में पानी भर गया। कई सड़कों के पैचवर्क बह गए। कुछ सड़कें उखड़ गईं। दोपहिया वाहनों के पहिए फिसलने से गिरकर लोग जख्मी भी हुए। आसपास के लोगों ने उठाकर उन्हें गंतव्य के लिए रवाना किया।
जलनिकासी का सिस्टम ध्वस्त होने से राजेंद्रनगर, सुभाषनगर, हजियापुर, मॉडल टाउन, कुतुबखाना, बिहारीपुर, सतीपुर, नवदिया, मलूकपुर बजरिया, इंदिरानगर, वीरसावरकरनगर, संजयनगर, सिकलापुर, किला समेत अन्य इलाकों में जलभराव हुआ। बमनपुरी के मुख्य मार्ग पर तीन से चार फुट तक पानी भरा। सुबह आठ से दस बजे तक तक घर से निकलना दुश्वार रहा। मलूकपुर में 120 मीटर सड़क अधूरी छोड़ दिए जाने की वजह से जलभराव हुआ। स्वालेनगर की रजा कॉलोनी में बारिश का पानी घरों में घुस गया। पार्षद अलीम खां सुल्तानी ने कहा कि जल निकासी का इंतजाम न होने का खामियाजा लोग भुगत रहे हैं। पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि अगर जल निकासी का मास्टर प्लान बनाकर उस पर अमल किया जाता तो ये हाल न होता। ब्यूरो
बचपन से झेल रहे परेशानी
बचपन से जलभराव झेल रहे हैं। संपवेल बनने के बाद राहत की उम्मीद थी, पर ऐसा नहीं हो सका। जिस मार्ग पर संपवेल है, वहां जरा सी बारिश में जलभराव होता है। - सुदीप सैनी, संजयनगर
मैं बाइक से बरेली आता-जाता हूं। जलभराव की वजह से सिटी स्टेशन के आगे मैं गिरते-गिरते बचा। करोड़ों रुपये खर्च के बावजूद जलभराव होना समझ से परे है। - अरसलान खान, फतेहगंज पश्चिमी
बारिश के दौरान पैचवर्क न उखड़े, इसका ध्यान रखा गया है। डामर रोड पर भी सीमेंट और कंक्रीट से गड्ढे भरे गए हैं, फिर भी तेज बारिश में अगर कहीं पैचवर्क उखड़ा है तो अभियंताओं को मौके पर भेजकर ठीक कराएंगे। - मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
चौपुला से किला रोड पर सात दिन पहले पैचवर्क कराया था, लेकिन तेज बारिश में वह टिक नहीं सका। अब इसे फिर कराएंगे। स्थायी समाधान के लिए अब सीसी रोड का एस्टीमेट तैयार कर रहे हैं। - भगत सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड