बरेली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को सैलानियों पर आतंकी हमले के बाद हालात बदल गए हैं। बरेली समेत अन्य स्थानों से कश्मीर जाने वाले यात्रियों की संख्या में एकाएक कमी आई है। जम्मू-कश्मीर की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु टिकट निरस्त करा रहे हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद अकेले बरेली से ही 475 यात्री जम्मू और कटड़ा के टिकट निरस्त करा चुके हैं। दूसरी ओर वहां से आने वाली ट्रेनों में टिकट के लिए मारामारी की स्थिति है।
गर्मियों का सीजन शुरू होने के साथ बरेली से जम्मू और कटड़ा जाने वाली जिन ट्रेनों में धड़ाधड़ टिकटों की बुकिंग हो रही थी, उस पर ब्रेक लग गया है। बरेली होते हुए जम्मू व कटड़ा जाने वाली 12355 अर्चना एक्सप्रेस, 12331 हिमगिरि एक्सप्रेस, 13151 कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस, 14691 मोरध्वज एक्सप्रेस, 12587 अमरनाथ एक्सप्रेस में टिकटों की बुकिंग घटी है। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, नए टिकटों की बुकिंग में 35 से 40 फीसदी तक की गिरावट आई है।
जम्मू से वापस आने वाली ट्रेनों का हाल
13152 जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस में मई के पहले सप्ताह तक किसी भी श्रेणी में कन्फर्म टिकट नहीं हैं। स्लीपर श्रेणी में वेटिंग 120 तक पहुंच गई है। एसी द्वितीय और तृतीय श्रेणी में भी वेटिंग 85 तक पहुंच चुकी है।
12588 जम्मूतवी-गोरखपुर साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेन की किसी भी श्रेणी में कन्फर्म टिकट नहीं हैं। स्लीपर श्रेणी में वेटिंग 115 तक है। एसी तृतीय में 80 और द्वितीय श्रेणी में 29 तक वेटिंग है। एसी प्रथम श्रेणी में भी कन्फर्म टिकट नहीं है।
12356 जम्मूतवी-पटना के बीच सप्ताह में दो दिन चलने वाली अर्चना एक्सप्रेस की किसी भी श्रेणी में 14 मई तक कन्फर्म टिकट नहीं हैं। स्लीपर में वेटिंग 100 के पार है तो एसी प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी में भी वेटिंग 50 के पार है।
12332 हिमगिरि एक्सप्रेस में मई के पहले सप्ताह तक किसी भी श्रेणी में कन्फर्म टिकट नहीं हैं। स्लीपर श्रेणी में नो रूम की स्थिति है। एसी श्रेणियों में वेटिंग 50 के पार होने के बावजूद धड़ाधड़ टिकट बुक हो रहे हैं।
15098 सप्ताह में एक दिन चलने वाली अमरनाथ एक्सप्रेस 29 अप्रैल को निरस्त है। छह मई को इस ट्रेन की स्लीपर श्रेणी में वेटिंग 150 के पार है। एसी तृतीय में 80 और द्वितीय में वेटिंग 75 तक पहुंच गई है। प्रथम श्रेणी में भी कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं।
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ट्रैवल एजेंसियों का कारोबार भी प्रभावित
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आतंकी हमले के बाद ट्रैवल एजेंसियों का धंधा भी प्रभावित हुआ है। जम्मू-कश्मीर के लिए अप्रैल के प्रथम सप्ताह से ही बुकिंग शुरू हो जाती थी। 20 अप्रैल तक तो ठीकठाक बुकिंग होती रही, लेकिन 22 अप्रैल से इस पर ब्रेक लग गया है। - राकेश कालरा, ट्रैवल एजेंट
अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर जाने वाले सैलानियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। बसों के साथ टैक्सियों की बुकिंग भी हो रही थी, लेकिन 22 अप्रैल के बाद इस पर ब्रेक लग गया है। कुछ समय तक इसका प्रभाव दिखेगा। - जगदीश सिंह, ट्रैवल एजेंट