बरेली। 31 साल पुराने जैन दंपती हत्याकांड में वारंट जारी होने के बावजूद उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का पति पप्पू गिरधारी शनिवार को अदालत में हाजिर नहीं हुआ। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अब्दुल कय्यूम की अदालत में चल रही है। अगली सुनवाई के लिए दस सितंबर की तारीख तय की गई है।
वर्ष 1990 में 11 जून की रात सिविल लाइंस निवासी कारोबारी नरेश जैन और उनकी पत्नी पुष्पा जैन की उनके आवास पर ही गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। इस मुकदमे में जोगीनवादा के पप्पू गिरधारी, हरिशंकर उर्फ पप्पू, बदायूं में थाना कोतवाली के मोहल्ला ब्रह्मपुरा के जगदीश सरन गुप्ता, रोहली टोला के भगवान दास, कटरा चांद खां के केपी वर्मा, साबिर, शीशगढ़ के योगेश चंद्र, आंवला के बजरुददीन, भुता के नरेश कुर्मी, फतेहगंज पश्चिमी के हरपाल, बदायूं की पूनम उर्फ सुनीता उर्फ गुड्डी समेत 12 लोगों पर आरोप तय किए गए थे। इनमें से कुछ की मौत भी हो चुकी है। अब यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश अब्दुल कय्यूम की अदालत में चल रहा है।
सुनवाई के दौरान अभियुक्त पप्पू गिरधारी के कोर्ट में हाजिर न होने के चलते 29 जुलाई और फिर पांच अगस्त को उसका गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। इस पर उसके वकील ने कोर्ट में हाजिरी माफी की अर्जी भी दी थी लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। शुक्रवार 20 अगस्त को इस मुकदमे में सुनवाई की तारीख थी। मुहर्रम की छुट्टी के चलते शनिवार को मामला सुनवाई पर लगा मगर पप्पू गिरधारी कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। अब इस मामले में सुनवाई के लिए 10 सितंबर की तारीख निर्धारित की गई है।
केस ट्रांसफर अर्जी पर 27 अगस्त को सुनवाई
वारंट जारी होने के बाद पप्पू गिरधारी की ओर से इस केस को किसी अन्य कोर्ट में स्थानांतरित करने के लिए भी जिला जज की अदालत में अर्जी लगाई गई है। इस अर्जी पर सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख निर्धारित की गई है।