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Bareilly News: बंदर पकड़ने की कागजी उछलकूद जारी, अब स्थल चयन का फंसा पेच

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बरेली। नगर निगम की तरफ से बंदरों को पकड़ने की कागजी उछलकूद जारी है। एजेंसी फाइनल होने के बाद अब बंदरों को छोड़ने पर विवाद शुरू हो गया है। इनको पीलीभीत व शाहजहांपुर के जंगलों में छोड़ने की तैयारी थी, पर वहां के अधिकारियों की तरफ से शासनादेश का हवाला देते हुए मना कर दिया गया। नगर निगम का दावा है कि 29 सितंबर को आए नए पत्र के अनुसार बंदरों को छोड़ने के लिए स्थल का चयन वन विभाग को करना है।
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नगर निगम की तरफ से काफी समय से बंदरों को पकड़ने के लिए कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे थे। छह माह बाद किसी तरह टेंडर फाइनल हुए। मथुरा के जाविद कॉन्ट्रैक्टर को जिम्मेदारी दी गई।
एक हजार बंदरों को पकड़कर पीलीभीत व शाहजहांपुर के वन क्षेत्र में छोड़ने का वर्क ऑर्डर फर्म को दिया गया। एक बंदर पकड़ने के बदले कंपनी को 825 रुपये का भुगतान होगा। कंपनी को बंदर पकड़ते व छोड़ते वक्त जीपीएस लोकेशन युक्त फोटो खींचना होगा।
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एजेंसी चयन के बाद अभी बंदरों को पकड़ने का काम शुरू भी नहीं हो पाया था कि पीलीभी टाइगर रिजर्व के प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से रोक लगा दी गई है। उनका कहना है कि बंदरों को टाइगर रिजर्व में छोड़े जाने का पत्र नहीं मिला है। संरक्षित वनक्षेत्र में बाहरी जानवरों को छोड़ना गैर कानूनी है। ऐसा करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई व जुर्माने का प्रावधान है। इसके चलते एजेंसी का काम शुरू होने से पहले ही ठप हो गया।
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