कलक्ट्रेट के इंग्लिश रूम से खतौनियां अब भी गायब हो रही हैं। फरीदपुर और नवाबगंज तहसीलों के इंग्लिश रूम का भी यही हाल है। खतौनियां गायब होने की खबर पर जमींदार दौड़ पड़े। वकीलों के जरिये बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में एक दर्जन से अधिक लोगों ने अपनी खतौनियां देखने के लिए अर्जी दाखिल कीं। कुछ वकील खतौनियां चेक करने के लिए रिकार्ड रूम तक पहुंच गए लेकिन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट विशू राजा ने उन्हें रोक दिया और रिकार्ड रूम गेट पर एक होमगार्ड की ड्यूटी लगा दी। एसीएम ने स्टाफ को सख्त चेतावनी दी कि कोई भी पुराना रिकार्ड बाकायदा आवेदन होने पर ही दिखाया जाए। वकील, उनके मुंशी या कोई प्राइवेट व्यक्ति रिकार्ड रूम के अंदर नहीं जाएगा।
सरकारी रिकार्ड रूम से पुरानी खतौनियों में जमींदारों के नाम खुरचकर नए नाम दर्ज कराने के पुराने मामले में पुलिस ने हाल ही में फरीदपुर के दो आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा है। अमर उजाला ने जब फरीदपुर और फतेहगंज पूर्वी में 630 बीघे जमीन के राजस्व रिकार्ड में हेराफेरी का समाचार प्रकाशित किया तो प्रशासन के अलावा जमीन के मालिकों में भी हड़कंप मच गया। कलक्ट्रेट के अलावा फरीदपुर और नवाबगंज तहसीलों में लोग अपनी जमीन की खतौनियां देखने पहुंचने लगे। कलक्ट्रेट में एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने वकीलों के जरिये जमीन की पुरानी खतौनियां देखीं। कुछ खतौनियां चेक करने अपने मुंशी और क्लाइंट को भेज दिया। पूरे दिन खतौनियां देखने की होड़ मची रही। हालांकि बाबू पुरानी खतौनियां लोगों को दिखाने से बचते दिखे।
उधर, सूत्रों के मुताबिक इंग्लिश रूम में खतौनियाें में हेराफेरी का खेल अब भी चल रहा है। नवाबगंज में एक महिला कर्मचारी ड्यूटी करने के बहाने दफ्तर गई और कुछ रिकार्ड लेकर घर चली गई। इस कर्मचारी पर राजस्व रिकार्ड में हेराफेरी कर ठगों को मदद पहुंचाने के आरोप में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज है। इसी तरह फरीदपुर और कलेक्ट्रेट में भी स्टाफ और ठग खुद को बचाने के लिए पुराने राजस्व रिकार्ड मिटाने की जुगाड़ में लग गए हैं।
एसीएम ने चेक किए रिकार्ड
अतिरिक्त मजिस्ट्रेट विशू राजा ने कलक्ट्रेट के राजस्व रिकार्ड की पुरानी फाइलें चेक कीं। वहां बाबुओं और अर्दली के साथ अधिवक्ता और मुंशी के अलावा कुछ बाहरी व्यक्ति भी रिकार्ड रूम में मौजूद मिले। एसीएम ने जब बाबुओं से प्राइवेट लोगों के बारे में पूछा तो बाबुओं ने उनको अधिवक्ताओं को क्लाइंट बताया। एसीएम ने साफ कहा कि रिकार्ड में अधिवक्ता आवेदन पत्र पर अनुमति लेकर ही पुरानी खतौनियां देख सकते हैं। वकीलों के मुंशी या प्राइवेट व्यक्ति को भी बिना अनुमति रिकार्ड रूम में घुसने और पुराने रिकार्ड देखने की अनुमति नहीं होगी।
200 फाइलें जर्जर हालत में मिलीं
एसीएम को कलक्ट्रेट के रिकार्ड रूम में 200 फाइलें बहुत ही जर्जर हालत में मिलीं। उनकी जगह नए बस्ते बनाकर उसमें उन फाइलों को रखने को कहा गया है। एसीएम ने बताया कि रिकार्ड रूम की बरसों से साफ-सफाई नहीं हुई। इसलिए वहां सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए कीटनाशक मंगाया गया है। वैक्यूम क्लीनर मंगाकर रिकार्ड रूम की सफाई कराई जाएगी।
रिकार्ड रूम में पुरानी खतौनियां गायब होने का मामला गंभीर है। कलक्ट्रेट स्टाफ और तहसीलों से राजस्व रिकार्ड मांगा गया है। जो भी कर्मचारी इसमें दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त विभागीय कार्रवाई होगी। - वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम