यात्रियों में दिखी दहशत
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सात मीटर पटरी हुई क्रेक, प्वाइंट भी क्षतिग्रस्त
यार्ड में जिस प्वाइंट से मालगाड़ी को तय प्लेटफॉर्म पर जाना था, वहां करीब सात मीटर पटरी क्रेक हो गई है। मालगाड़ी के गार्ड का डिब्बा पटरी में रगड़ करते हुए आगे बढ़ा है। पटरी करीब 200 मीटर क्षतिग्रस्त हुई है। इसमें सात मीटर पटरी को उखाड़ने का काम शनिवार रात ही शुरू हो गया। रविवार शाम तक काम पूरा होने की उम्मीद है।
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रोकी गई बिजली आपूर्ति, कई ट्रेनें प्रभावित
प्लेटफॉर्म नंबर दो बाधित होने के कारण रात एक बजे तक 12231 लखनऊ-चंड़ीगढ़ सुपरफास्ट, 12429 नई दिल्ली एसी सुपरफास्ट, 12229 लखनऊ मेल, 12391 श्रमजीवी एक्सप्रेस, 14511 नौचंदी एक्सप्रेस, 15127 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस समेत आठ ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदलने पड़े। एक बजे के बाद 20 मिनट के लिए ओएचई लाइन को बंद करना पड़ा। इससे रात की अन्य ट्रेनों को भी रास्ते में रोकना पड़ा। करीब 15 ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा।
20 मिनट देरी से शुरू हुआ काम
रेलवे की पुरानी प्रथा ने काम को बाधित किया। मैनुअल रूप से लिखित मेमो पहुंचने में देरी के कारण डिरेल मालगाड़ी को फिर से पटरी पर लाने का काम भी 20 मिनट देरी से शुरू हो सका। मालगाड़ी लोडेड थी, ऐसे में भारी डिब्बों को पटरी पर लाना चुनौती बन गया। रोजा से आए विशेषज्ञों ने मालगाड़ी को दो हिस्सों में बांटने के बाद काम शुरू किया। मेमो में देरी की बात डीआरएम के सामने भी उठी। इस पर एडीईएन ने डीआरएम को सफाई भी दी।
अचानक हुई तेज आवाज और मच गई भगदड़
यात्री अजय सागर ने बताया कि हम प्लेटफॉर्म संख्या दो पर अपनी ट्रेन के इंतजार में खड़े थे। अचानक बहुत तेज खड़खड़ की आवाज आई और भगदड़ मच गई। आर्यन ने कहा कि दिल्ली जाने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर दो पर खड़े थे। उस वक्त यात्री कम ही थे। अचानक बेतरतीब तरीके से मालगाड़ी आने से हम घबरा गए।
सुहेल ने कहा कि जब ये हादसा हुआ, हम लोग डर गए। कुछ लोग प्लेटफॉर्म के बिल्कुल मुहाने पर खड़े थे, घबराहट में वे दूसरी ओर भाग खड़े हुए। नदीम ने कहा कि मालगाड़ी आई तो आवाज से लगा कि कुछ टूट सा रहा है। गनीमत रही कि प्लेटफॉर्म पर पहले से यात्री ट्रेन नहीं खड़ी थी, वरना बड़ा हादसा होता।