दमखोदा ब्लॉक के पैगा गांव में चेचक के प्रकोप से एक बच्चे की जान चली गई है। 24 से ज्यादा लोग बीमार हैं। ग्रामीणों में दहशत में हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पहले तो मामले को हलके में लिया। टीम पहुंची भी तो खानापूरी कर लौट आई।
प्रधान मोहम्मद हसीन के बताया कि 20 दिन पहले गांव के लोग बीमार होने लगे थे। इसकी सूचना सीएचसी पर दी गई थी मगर कोई झांकने नहीं आया। तीन दिन पहले प्रधान का चार साल का भतीजा मोहम्मद यजुर्वेद बीमार हुआ तो प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग समेत जिला प्रशासन को खबर की गई तो आनन फानन में सीएचसी प्रभारी डॉ. आरके वर्मा टीम लेकर गांव पहुंच गए। हालांकि ग्रामीणों ने टीम ने सिर्फ खानापूरी की। यदि समय पर चेचक के टीके लगाए जाते तो यह नौबत नहीं आती। टीकाकरण कागजों में ही किया गया है। रिजवान अहमद ,सिद्दीक, अफरोज, फइम, मोहम्मद सादिक, सुनील, लाकाराम आदि ने बताया कि अब भी इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। टीकाकरण केवल कागजो में सिमट कर रह गया है। सादिक, सिद्दी,फाईम आदि ने कहा कि उन्होंने अब तक गांव में एनएनएम को नहीं देखा है। पैगा गांव में चेचक से बच्चे की मौत के बाद विधायक अताउर्ररहमान ने सीएमओ से बात कर लगातार टीम भेजने को कहा है।
ये हैं बीमार
अतीक की बेटी आसमान (18), बेटा मो. अरशान (3), नसीम की बेटी इलमा (4), अतीक अहमद का बेटा आयाम (5), अब्दुल गनी की बेटी तरननुम (15), इश्तयाक का बेटा सैफ (7), बेटी मुस्कान (9), फईम की बेटी जोया (4), मो. हारून की बेटी आलमीन (7), मो. फाईम की पत्नी सारा (23), अजवीदा का बेटा मुशारिक (12), बेटी शिफा (15), कमरुल हसन की पत्नी शौनक (25), वकील अहमद का बेटा सदरुल हसन (19), सिराज का बेटा इन्त्याज अहमद (18) आदि।
यदि समय रहते सुध ले जी जाती तो शायद मेरे भतीजे की जान बच जाती। गांव में टीकाकरण नहीं हो रहा है। आज तक गांव में एनएनएम नहीं आई है। शिकायत की गई मगर नहीं सुना गया।
मोहम्मद हसीन, प्रधान
चेचक नहीं यह चिकनपॉक्स है। प्रधान पहले सूचना देने की बात गलत कह रहे हैं। हमें आज ही सूचना मिली। एनएनएम नियमित गांव पहुंच रही हैं। आज 27 मरीजों की जांच की गई। रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है। सच तो यह है कि गांव में गंदगी फैली है। इस कारण यह बीमारी फैली है।
- डॉ. आरके वर्मा, सीएचसी इंचार्ज