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Bareilly News: छह केंद्रों पर शुरू नहीं हुई धान खरीद, किसान भटकने को मजबूर

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12 अक्तूबर से शुरू हुई खरीद, 14 केंद्रों की सूची जारी कर आठ ही खोले, जिम्मेदार अंजान। भाड़े का खर्च बढ़ा, मजबूरी में औने-पौने दाम पर व्यापारियों को फसल बेचने को मजबूर हुए काश्तकार
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फरीदपुर। खाद्य एवं रसद विभाग की लापरवाही से फरीदपुर क्षेत्र के छह केंद्रों के किसान इन दिनों धान बेचने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। विभाग ने कागजों पर तो 14 धान क्रय केंद्रों की सूची जारी कर दी, लेकिन धरातल पर महज आठ केंद्र ही खोले गए हैं। बाकी छह केंद्रों पर न तो किसी कर्मचारी की तैनाती हुई है और न ही तौल शुरू हो सकी है। विभाग की इस चुप्पी से परेशान किसानों को मजबूरी में अपनी फसल औने-पौने दामों पर निजी व्यापारियों को बेचनी पड़ रही है।
क्षेत्र के सभी केंद्रों पर 12 अक्तूबर से धान की खरीद शुरू हुई है, लेकिन 14 में से छह केंद्र अब भी बंद पड़े हैं। यहां धान लेकर पहुंचने वाले किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष चौधरी सोमवीर सिंह ने फरीदपुर एसडीएम विदुषी सिंह से शिकायत की और समस्याएं गिनाईं।
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विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, वर्तमान में फरीदपुर प्रथम, फरीदपुर द्वितीय, कुआंडांडा प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ केंद्र का स्थान पूरी तरह रिक्त पड़ा हुआ है। इन जगहों पर केंद्र न खुलने से आसपास के कई गांवों के किसानों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। खुले हुए केंद्र काफी दूरी पर हैं, जिससे किसानों को उपज ले जाने में भारी भरकम भाड़ा देना पड़ रहा है।
किसानों का आरोप है कि दूरदराज के केंद्रों पर भी धान को तरह-तरह के बहाने बनाकर खारिज किया जा रहा है, जिससे सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है।


किसानों का छलका दर्द

फरीदपुर क्षेत्र के खंजनपुर गांव निवासी किसान दुर्गपाल सिंह ने बताया कि खेत से धान की कटाई हो चुकी है। हमारे क्षेत्र का क्रय केंद्र बंद पड़ा है। बाकी केंद्र काफी दूर है। इतना भाड़ा देकर दूर जाना नुकसान का सौदा है, इसलिए मजबूरी में स्थानीय व्यापारियों को सस्ते रेट पर धान बेचना पड़ रहा है।
पचौमी गांव निवासी संजीव सिंह ने बताया की हर साल हम फरीदपुर प्रथम और द्वितीय क्रय केंद्र पर ही अपना धान बेचते आए हैं। इस बार इन दोनों केंद्रों को बंद रखा गया है। समझ नहीं आ रहा कि फसल कहां लेकर जाएं। सरकारी उपेक्षा के कारण किसान लगातार परेशान हो रहा है।

दो दिन में बंद पड़े केंद्र खोले जाएंगे : एसडीएम
एसडीएम विदुषी सिंह ने बताया कि मामले को लेकर बरेली के डिप्टी आरएमओ से बात की गई है। डिप्टी आरएमओ ने स्टाफ की कमी की बात स्वीकारते हुए आश्वासन दिया है कि अगले दो दिनों के भीतर शेष छह धान क्रय केंद्रों को भी शुरू करवा दिया जाएगा।
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