भमोरा। ग्राम पंचायत मझारा में करोड़ों की लागत से बना ओवरहेड टैंक आंधी के बाद एक ओर झुक गया है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी तकनीकी जांच और मरम्मत नहीं कराई गई तो सरदार नगर जैसी बड़ी दुर्घटना यहां भी हो सकती है।
ग्रामीणों के मुताबिक, जल जीवन मिशन के तहत गांव में ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य चार अगस्त 2022 को शुरू हुआ था। करीब एक करोड़ 66 लाख रुपये की लागत की यह परियोजना अब तक पूरी नहीं हुई है। गांव वालों ने बताया कि निर्माण अधूरा होने के बावजूद करीब एक वर्ष पहले गांव में जलापूर्ति शुरू कर दी गई।
ग्राम प्रधान नाथूलाल उर्फ विकल ने बताया कि योजना शुरू होने के बाद गांव की गलियों को पाइप लाइन डालने के लिए खोदा गया था, लेकिन निर्माण एजेंसी ने आज तक सड़कों की मरम्मत नहीं कराई। कई गलियां अब भी टूटी पड़ी हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जगह-जगह पाइप लाइन से पानी रिस रहा है। कई स्थानों पर पानी की टोंटियां तक नहीं लगाई गईं, इसके चलते दिन-रात पानी बह रहा है।
अब टंकी का ढांचा धीरे-धीरे झुकता जा रहा है। आंधी के बाद इसकी स्थिति और खराब दिखाई देने लगी है। चूंकि टंकी घनी आबादी के बीच बनी हुई है, इसलिए लोगों में हर समय डर बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे और महिलाएं टंकी के आसपास जाने से भी घबराने लगे हैं।
किसानों ने बताया कि खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण लगातार पानी खेतों में भर रहा है। इससे गेहूं कटने के बाद तैयार की जा रही अगली फसल की जमीन खराब हो रही है और कई किसानों की सब्जी व अन्य फसलें प्रभावित हुई हैं।
ग्राम प्रधान ने बताया कि इस संबंध में कई बार उपजिलाधिकारी, जल निगम और संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीण उमेश राठौर, राजेश सागर, सेवाराम शर्मा, धर्मवीर, चंद्रपाल शर्मा, पप्पू शर्मा और विपिन राठौर समेत सैकड़ों लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि टंकी की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए। निर्माण में लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।