बरेली। आईवीआरआई ओवरब्रिज पर अब होली बाद ही फर्राटा भर पाने की उम्मीद है। रेलवे ने जनवरी की शुरूआत में ओवरब्रिज के लिए पिलर पर स्टील के गार्डर रखने में तेजी दिखाई थी। उससे इस काम के जल्द पूरा होने के आसार दिखने लगे थे, लेकिन बाद में निर्माण कार्य ठप हो जाने से यह प्रोजेक्ट फिर से लटक गया है। इससे यहां पब्लिक को अभी अंडरपास से ही काम चलाना होगा।
सेतु निगम और रेलवे दोनों को मिलकर यह प्रोजेक्ट पूरा करना है, लेकिन रेलवे इस परियोजना को करीब साल भर से लटकाए है। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने ओवरब्रिज के निर्माण में देरी को देखते हुए पहले अंडरपास का निर्माण पूरा कराने के निर्देश रेलवे अधिकारियों को दिए थे। यह काम भी पूरा हो चुका है, लेकिन सेतु निगम ओवरब्रिज अब तक नहीं बन सका है, जबकि सेतु निगम अपने हिस्से का काम वर्ष 2018 में ही पूरा कर चुका है। पिछले साल नवंबर में प्रमुख सचिव जिले के नोडल अफसर नवनीत सहगल ने इस परियोजना की लेटलतीफी पर नाराजगी जाहिर करते हुए सेतु निगम और रेलवे दोनों के ही अधिकारियों को फटकार लगाई थी। उस वक्त रेलवे के अधिकारियों ने जनवरी में काम पूरा करने की बात कही थी। इससे उम्मीद थी कि ओवरब्रिज होली से पहले ही चालू हो जाएगा। जनवरी में रेलवे ने तेजी भी दिखाई और बाहर से बड़ी क्रेन मंगवाकर पिलर पर स्टील के गार्डर भी रख दिए लेकिन इसके बाद आगे का काम ठप है, जबकि रेलवे को अभी भी सीमेेंट के गार्डर और कंक्रीट का काम कराना है। इंजीनियरों का कहना है कि गार्डर पर कंक्रीट बिछाने के बाद भी 20 से 25 दिन का समय लगेगा। यानी होली से पहले इस ओवरब्रिज के उद्घाटन के कोई आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं।