हम बच्चे से जूते, मोजे और पैंट पहनने को नहीं कह रहे हैं। ऑनलाइन क्लास में बच्चे का चेहरा दिखता है। बच्चे के पास ड्रेस नहीं है तो एक सफेद शर्ट और टाई पहनकर बैठ सकता है। इससे अनुशासन का पालन होता है और सभी बच्चों में एकरूपता आती है, हमारा उद्देश्य सिर्फ यही है। हमने स्कूल की यूनिफार्म नहीं बदली है तो पुरानी भी पहनी जा सकती है। दबाव नहीं है। - राजेश अग्रवाल, प्रबंधक, जीआरएम
ऐसा कभी किसी बच्चे से नहीं कहा गया है कि अगर वह यूनिफार्म में नहीं आएगा तो उसे पढ़ाया नहीं जाएगा। यह सिर्फ सुझाव दिया गया है। अक्सर ऑनलाइन क्लास के दौरान बच्चा सोता हुआ उठकर क्लास ज्वाइन कर रहा है। इस वजह से उसका वीडियो बंद कर दिया गया, ताकि अन्य बच्चों पर गलत संदेश न जाए। वहीं पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी दिक्कतें होती थीं। कहा गया है कि यूनिफार्म न सही एक सफेद शर्ट में बच्चे बैठ जाएं, जिससे बच्चों में पहनावे को लेकर अच्छे और बुरे की हीनभावना न आए। - वीके मिश्रा, प्रिंसिपल, डीपीएसविज्ञापन
ऐसा सिर्फ स्कूलों की ओर से अनुशासन बनाए रखने के लिए किया जा रहा है। पिछले पांच माह से चल रही ऑनलाइन क्लास में कई चीजों को नोटिस किया गया है। कभी कुछ बच्चे ऐसे कपड़े पहनकर बैठ जाते हैं कि जिस पर उन्हें कपड़े बदलने को कहना पड़ता है। फिर सब बच्चे उसी गपशप में लग जाते हैं। इसलिए बच्चों को कहा गया है कि वह स्कूल की यूनिफार्म में क्लास ज्वाइन करें, जिससे सिर्फ पढ़ाई पर फोकस हो सकें। - खालिद, पद्मावती कॉलेज
हमारे स्कूल की ओर से बच्चों के ऊपर कभी यूनिफार्म पहनकर बैठने का कोई दबाव नहीं बनाया गया है। जरूरी नहीं है कि वह स्कूल की ही यूनिफार्म में बैठें। वह किसी भी यूनिफार्म में बैठकर पढ़ाई जारी रख सकते हैं। - अमित रोनाल्ड चौहान, प्रिंसिपल, एसआर इंटरनेशनल