बरेली। तमाम प्रचार-प्रसार के बावजूद एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में बिजली का बकाया बिल जमा करके छूट का लाभ लेने के लिए बड़े बकायेदार आगे नहीं आए। अभियंता अब इन्हें नोटिस दे रहे हैं और फोन पर व्यक्तिगत संपर्क कर रहे हैं। ओटीएस की श्रेणी में आए 10 हजार रुपये से अधिक के बड़े बकायेदारों की संख्या 16,443 है। इन पर 46 करोड़, 52 लाख रुपये बकाया हैं। इसमें 7.34 प्रतिशत यानि सिर्फ 1208 उपभोक्ताओं ने ही पंजीकरण कराया है। अब तक 654 बड़े बकायेदारों ने ही 89 लाख रुपये जमा करके छूट का लाभ पाया है।
ओटीएस आठ नवंबर को लागू की गई। पहला चरण 30 नवंबर को पूरा होना है। पहले चरण के 12 दिन में पंजीकरण काफी कम हैं। मुख्यालय ने इस पर नाराजगी जाहिर की है। प्रत्येक विद्युत वितरण खंड के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए जवाबदेही तय करने की तैयारी की है। अधिशासी अभियंताओं ने अवर अभियंताओं और लाइनमैन तक को बकायेदारों की सूची दी है।
कम पंजीकरण के सवाल पर विद्युत वितरण खंडों के अभियंता अपना बचाव करते हुए कहते हैं कि ओटीएस लागू होने के बाद दिवाली के त्योहार की छुट्टियां हो गईं थीं। अब दफ्तर खुले हैं तो संख्या बढ़ रही है। प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को फोन कॉल करके छूट का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
टॉप फाइव बकायेदार नाम पता राशि
भूदेव मौर्य बड़ा बाइपास रोड 5,02,294
महताब मियां बुखारपुरा 4,06,088
किशोरी देवी नेकपुर 2,61,532
अबूराम यादव केलाबाग 2,36,577
इंद्रजीत सिंह तिलक कॉलोनी 2,30,725
(मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के रिकॉर्ड के अनुसार)
ओटीएस की श्रेणी में 77,523 उपभोक्ता, 3,091 ही आए
अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल ने बताया कि ओटीएस की विभिन्न श्रेणियों के 77,523 उपभोक्ता हैं। इनमें 10 हजार रुपये से अधिक के 16,443 बड़े बकायेदार हैं। अब तक कुल 3,091 बकायेदरों ने पंजीकरण कराया है। इसमें 1,208 बड़े बकायेदार हैं। ओटीएस के तहत सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर 64.19 करोड़ रुपये बकाया हैं। बकाया वसूली के लिए अभियान चल रहा है।