पीलीभीत। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा और डीएम वैभव श्रीवास्तव के बीच भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अब आमने-सामने आ गए हैं। विधायक ने एलान किया है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अब उनकी डीएम से आर-पार की लड़ाई है। वह बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री से मिलकर भ्रष्टाचार के सारे मामले उनके समक्ष रखेंगे। वहीं दूसरी ओर डीएम ने कहा कि उनको शिकायत मिली थी कि कामधेनु डेयरी की जगह बरातघर बना है। प्रथम दृष्टया जांच में मामला सही पाया गया। इसके नजदीक में विधायक के घर के न तो फोटो खिंचवाए गए और न ही वीडियोग्राफी ही कराई गई। न ही प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। मगर, अगर किसी मामले में गड़बड़ी मिलती है तो जांच जरूर कराई जाएगी।
विधायक वर्मा ने 21 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर डीएम वैभव श्रीवास्तव पर लखनऊ के सरपुटगंज की वीवीआईपी रोड (निकट टाटा मोटर्स) से संचालित संस्था मैसर्स विशाल बिल्डर्स का पंजीकरण 31 मार्च 2021 तक डूडा में कराकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की थी। विधायक ने अगले दिन बुधवार को भी अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा कि वह भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अब आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। इसके लिए चाहे उन्हें कुछ भी करना पड़े। विधायक ने बताया कि वह बीसलपुर से लखनऊ के लिए निकल चुके हैं। बृहस्पतिवार सुबह मुख्यमंत्री से मिलकर डीएम के हस्ताक्षर से हुए समस्त कामों के भुगतान की फाइलें उनके समक्ष रखेंगे और जनपद में जितने भी भ्रष्ट अफसर हैं, उन पर कार्रवाई कराएंगे। भाजपा सरकार में जनता को खुलेआम लूटना वह बर्दाश्त नहीं कर सकते। विधायक ने लखनऊ से संस्थाएं लाकर उनको नगरपालिका और डूडा से करोड़ों के काम दिलाने और मनमाने तरीके से भुगतान करने का भी आरोप लगाया। विधायक ने यह भी कहा कि जिस डेयरी के नाम पर लोन लेकर बरातघर बनाने की बात कही जा रही है, उसके बारे में वह कुछ नहीं कहना चाहते। अगर डेयरी की सच्चाई जाननी है तो उसके बारे में सही बात मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) बताएंगे। विधायक रामसरन वर्मा ने कहा कि चाहे लखनऊ के ठेकेदारों को काम दिलाकर करोड़ों के घपले का मामला हो या फिर अवैध खनन या शौचालय निर्माण में घोटाला। हर जगह बड़े पैमाने पर जनता की गाढ़ी कमाई का करोड़ों का बजट ठिकाने लग रहा है। अब भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई है। विधायक ने पीलीभीत की जनता समेत सभी ईमानदार लोगों से अपील की कि वह इस जंग में उनके साथ खड़े होकर भ्रष्ट अफसरों को हटाने में उनकी मदद करें।
डीएम बोले- डेयरी की जगह बरातघर बनाने वालों से वसूला जाएगा सरकारी धन
पीलीभीत। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने भी विधायक के वार पर पलटवार करते हुए कहा कि उनको शिकायत मिली थी कि बीसलपुर में कामधेनु डेयरी की जगह बरातघर का निर्माण किया गया है। इसलिए वह पूरे मामले की जांच करने गए थे। जांच में प्रथम दृष्टया डेयरी की जगह पर बरातघर बनाने की शिकायत सही पाई गई।
डीएम ने कहा कि वह इन सबके बावजूद भी विधायक जी के घर के अंदर तक नहीं गए। उन्हें बताया गया कि विधायक जी के घर तक इंटरलॉकिंग लगी है। ठेकेदार पर दबाव डाला जा रहा है कि नगरपालिका से भुगतान करो। इस मामले का लेटर उनके पास है। इसमें नगरपालिका को लिखा गया है कि इंटरलॉकिंग का भुगतान करें। इसे लेकर उन्होंने ईओ को निर्देश दिया है कि इस तरह का भुगतान न किया जाए। ईओ ने उनको पत्र भी दिया कि इस तरह का कोई भुगतान नहीं किया जाए क्योंकि इंटरलॉकिंग निजी क्षेत्र में बनी है। डीएम ने स्पष्ट कहा कि वह विधायक जी के घर नहीं गए, न ही वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी कराई। अगर मीडिया या किसी ने व्यक्तिगत तरीके से विधायक के घर की वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी की है तो इसके बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। डीएम ने कहा कि कोई नियम विरुद्ध कार्य होता है तो उसकी जांच जरूर होगी। विधायक जी का पूरा सम्मान है, लेकिन शासकीय स्तर पर धन का कहीं भी दुरुपयोग होता है तो जिला प्रशासन उसे रोकने के लिए तत्पर है। डीएम ने कहा कि पूरे जिले में डेयरी की समस्त परियोजनाओं की जांच होगी, सीवीओ से इस बारे में कह दिया गया है। जहां भी इन परियोजनाओं में शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया है, उसकी वसूली जाए।