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अवैध खनन में अफसर और माफिया का यह रिश्ता कुछ तो कहता है

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पीलीभीत। ये रिश्ता क्या कहलाता है... यह एक धारावाहिक का नाम भी है और खनन के खेल में अफसर और माफियाओं के गठजोड़ पर सटीक बैठता है। आम नागरिक को मामूली समस्या के लिए अपना प्रार्थना पत्र लेकर दफ्तरों में महीनों चक्कर लगाने पड़ते हैं। मगर, जब बात किसान के नाम पर माफिया को परमीशन देने की हो तो एक दिन में आठ घंटे के अंदर लेखपाल, तहसीलदार से लेकर सभी बड़े अफसरों तक के हस्ताक्षर होकर उसे खनन निकासी की अनुमति दे दी गई।
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ऐसा हो भी क्यों ना, क्योंकि अफसरों के बंगले पर खनन निकासी करने वाले की कार रोजाना शाम को आकर खड़ी होती है और देर रात बंगले के अंदर हिसाब-किताब चलता रहता है। मतलब, अवैध खनन से रोजाना जितनी भी आमदनी हो रही है, उसका हिस्सा रोज का रोज ऊपर तक पहुंच रहा है। अब जो ताजा मामला हुआ है वह बीसलपुर के ढुकसी गांव में खनन का है। महेंद्रपाल के नाम से देवहा नदी के बहाव से खेत में आई रेत के खनन निकासी के लिए 30 अगस्त 2019 को एक स्थानीय माफिया ने आवेदन किया। इसमें बताया कि कृषि भूमि पर बाढ़ के कारण बालू जमा हो गई है। खेत को कृषि योग्य बनाने के लिए बालू को हटाना जरूरी है। इसलिए उसे साधारण बालू खनन की अनुमति दी जाए। 2017 का शासनादेश और सह खातेधारों का सहमति शपथ पत्र भी लगाया गया। तहसीलदार बीसलपुर से आख्या तलब की गई।
तहसीलदार ने छह दिसंबर 2019 को छह बिंदुओं पर खनन निकासी के पक्ष में आख्या दी। आख्या के साथ नक्शा, नजरी, खसरा-खतौनी लगाकर खनन की संस्तुति कर दी। खनन निरीक्षक की जांच भी छह दिसंबर को हो गई। यानी एक ही दिन में दो जांचें पूरी करके उन पर रिपोर्ट भी लग गई। तहसीलदार की आख्या के मुताबिक गाटा संख्या 57 के रकबा 0.648 हेक्टेयर में से 0.405 हेक्टेयर भाग पर साधारण बालू खनन तीन माह के लिए दो मीटर गहराई कुल 8100 घनमीटर प्रस्तावित किया गया। यह क्षेत्र भी बालू खनन के उपयुक्त बताया गया। फिर 10 दिसंबर को आठ घंटे के अंदर लेखपाल, तहसीलदार, एडीएम से लेकर बड़े अफसरों तक की रिपोर्ट लग गई। सभी अधिकारियों ने अपने हस्ताक्षर एक ही तारीख में कर दिए। अब यहां खनन माफिया ने किसानों के खेत से बालू हटाने के नाम पर जेसीबी से नहर के आसपास खुदाई कर दी। अब इस इलाके में पोकलैंड से खनन किया जा रहा है क्योंकि इस अनुमति का उद्देश्य ही अवैध खनन करना था।
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बरखेड़ा में दो डनलप, एक ट्रैक्टर ट्रॉली सीज
बरखेड़ा। देवहा नदी से अवैध खनन कर लाई जा रही एक ट्रैक्टर ट्रॉली और दो डनलप मंगलवार सुबह दरोगा मनीष कुमार ने पकड़े। गाजीपुर कुंडा तिराहे से पकड़े गए रेत लदे वाहनों को पुलिस थाने लाई। यहां उन्हें सीज कर दिया गया। इंस्पेक्टर उमेश सिंह सोलंकी ने बताया कि वाहन सीज कर दिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर खनन अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
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