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61 में से 49 को दिए गए फर्जी चेक

Sat, 20 Jun 2015 01:55 AM IST
बरेली
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मलसाखेड़ा गांव में बर्बाद फसल के मुआवजे में फर्जीवाड़े का सच शुक्रवार को तहसील प्रशासन की जांच में भी सामने आ गया। गांव पहुंचे नायब तहसीलदार और कानूनगो ने 61 में से सिर्फ 12 किसानों को ही मुआवजे का पात्र पाया। प्रधान के रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने में लेखपाल की भूमिका भी सामने आई। जांच रिपोर्ट शनिवार को एसडीएम को सौंपी जाएगी।
 अपात्रों को मुआवजा बांटे जाने की खबर अमर उजाला ने 13 जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिला प्रशासन के आदेश पर एसडीएम ने जांच टीम बनाई थी। शुक्रवार को नायब तहसीलदार अवधेश कुमार, कानूनगो राकेश कुमार और लेखपाल अशोक सक्सेना गांव पहुंचे और मामले की जांच की। जांच में प्रधान लीला देवी और उसके परिचितों को फर्जीवाड़ा कर चेक बांटने का सच सामने आया। टीम ने पाया कि तत्कालीन हलका लेखपाल नरेंद्र सक्सेना ने नियम विरुद्ध चेक बांटे हैं। प्रधान लीला की गाटा संख्या 156 रकवा 4 बीघा जमीन में मिर्च की फसल खड़ी हुई है जबकि उन्हें भी 8010 रुपये क ा चेक दिया गया। प्रधान के पति के चाचा मोरपाल और हेतराम के नाम एक बीघा जमीन दर्शाई गई है जबकि राजस्व विभाग के रिकार्ड में मोरपाल का नाम तक नहीं है। दोनो को 7596 रुपये के चेक दिए गए हैं। जिला पंचायत सदस्य राकेश चंद्र का गाटा संख्या 62 में पक्का मकान बना हुआ है। मकान की जगह गेहूं की फसल दर्शाकर 1500 का चेक दिया गया है। द्वारिका प्रसाद प्रधान पति का तहेरा भाई है। गाटा संख्या 101 नजी अहमद व द्वारिका प्रसाद को 5922के चेक दिये गये।गाटा संख्या 228 टीकाराम जो कि प्रधान के चाचा हैं इनके खेत में यूकोलिप्टिस के पेड़ लगे हुए हैं। इन्हे 4105रुपये का चेक दिया गया।  गाटा संख्या 211 में मंगलसेन, राम स्वरूप, मोहन लाल, धर्मपाल, नरायन के नाम सिर्फ पांच बीघा जमीन है। इस खेत में यूकेलिप्टिस के पेड़ लगे हुए हैं। इन्हें 3294 प्रति किसान के हिसाब से चेक बांटे गए। बता दें कि  पूर्व प्रधान मोती राम वर्मा ने मामले की शिकायत जिला प्रशासन से की थी।
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कोट
61 में से सिर्फ 12 लोग ही मुआवजे के पात्र पाए गए हैं। किसी का रकवा गलत है किसी का नाम गलत तरीके से दर्ज किया गया है। शनिवार को तहसीलदार और एसडीएम को जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
 -अवधेश कुमार नायब तहसीलदार
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जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई होगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। सारे पैसे की रिकवरी होगी। फर्जीवाड़ा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।
-रामेश्वर नाथ तिवारी एसडीएम
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