मदर डेयरी और अमूल डेयरी के दूध में मिलावट मिलने के बाद खाद्य विभाग गंभीर हो गया है। प्रमुख सचिव (खाद्य) बीएम मीणा ने प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों से स्थानीय दूध के साथ ब्रांडेड कंपनियाें के दूध-दही व अन्य उत्पादों के नमूूने परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भिजवाने का निर्देश दिया है। इस अभियान की हर सप्ताह रिपोर्ट भी भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गर्मी के मौसम में सामान्य दिनों की तुलना में दूध-दही की मांग 20 से 30 फीसदी बढ़ जाती है और उत्पादन 10-15 फीसदी गिर जाता है। ऐसे में मांग को पूरा करने के लिए कंपनियां मिलावट का खेल करतीं हैं। जो इंसान के स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक साबित होते हैं।
प्रमुख सचिव बीएम मीणा का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को कंपनियों की ओर से शुद्ध खाद्य और पेय सामग्री उपलब्ध कराना है। खाद्य पदार्थों के नमूने फेल होने पर कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अमूल के दूध में सोडियम कारबोनेट मिला
फतेहपुर में अमूल दूध के कलेक्शन सेंटर के नमूने में सोडियम कार्बोनेट की मिलावट की पुष्टि हुई है। फतेहपुर में इसका नमूना 10 जनवरी को लिया गया था। पांच जून को रिपोर्ट मिली थी, उसी के बाद तीन और नमून लिए गए है। सोडियम कार्बोनेट दूध को टिकाऊ बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसकी वजह से दूध फटता नहीं है। यह पुष्टि बरेली के जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय जैसवाल ने की है।