परिवहन विभाग लाइसेंस माफिया नेटवर्क पर अंकुश लगाने की खातिर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आनलाइन व्यवस्था बनाने में जुट गया है। विभाग ने लखनऊ में पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है। अगले वर्ष से घर बैठ कर आवेदक ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेंगे। साथ ही विभाग ने गाड़ियों के बिक्री केंद्र पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है।
बुधवार सुबह लखनऊ से आये अपर परिवहन आयुक्त प्रशासन भगवान सिंह आरटीओ कार्यालय पहुंचे और विभागीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परिसर में व्याप्त अव्यवस्था पर नाराजगी जतायी। अपर आयुक्त ने पाया कि लाइसेंस बनवाने पहुंचे तमाम आवेदक धूप में परेशान घूम रहे थे। इस पर आयुक्त ने निर्देश दिए कि परिसर में प्रतीक्षा बोर्ड लगवाया जाए। जिस पर लाइसेंस प्रक्रिया की जानकारी प्रदर्शित होती रहे। गेट पर दलालों का जमावड़ा देखने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कार्यालय में ज्यादा काउंटर खोलने को कहा। आयुक्त ने कार्यालय की बदहाली का जायजा लिया, निरीक्षण के दौरान तमाम बाहरी लोग कार्यालय में मौजूद थे। आयुक्त ने राजस्व लक्ष्य प्राप्ति पर संतोष जताया और कर्मचारी संबंधी मामले चेक किए।
इस दौरान उपायुक्त एसपी त्रिपाठी, आरटीओ आरआर सोनी, एआरटीओ उमाशंकर यादव, परेश यादव आदि मौजूद रहे।
निरीक्षण के बाद भगवान सिंह ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस के मामलों में सबसे ज्यादा शिकायतें रहती हैं। फर्जी लाइसेंस पर अंकुश लगाने को आनलाइन सुविधा की तैयारी चल रही है। पायलट प्रोजेक्ट लखनऊ में शुरू किया गया है। प्रयोग सही होने पर बरेली समेत सभी प्रमुख शहरों में इसे लागू किया जाएगा। सिंह ने बताया कि नगर सीमा में आरटीओ कार्यालय भवन प्रस्तावित है। इसके लिए जगह की तलाश की जा रही है। विभाग ने प्रदेश भर में आनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा उपलब्ध करा दी है। अब आनलाइन वीआईपी नंबर भी आरक्षित किए जा सकते हैं।