बरेली। आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों पर अब आवास विकास परिषद ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। परिषद के अफसरों ने करीब 40 प्रतिष्ठान मालिकों को नोटिस जारी किए है। साथ ही डीएम से मुलाकात कर इनके ध्वस्तीकरण के लिए फोर्स मांगी है।
करीब तीस वर्ष पहले उदयपुर खास आराजगी में आवास विकास परिषद ने आवासीय और कमर्शियल कॉलोनी विकसित की थी। उत्तरी बरेली नाम से चर्चित रहे इस इलाके में ज्यादातर अवैध निर्माण, कब्जे, अतिक्रमण और मानचित्र के विपरीत निर्माण कर लिए गए। तमाम लोगों ने मॉल, बड़े-छोटे शोरूम और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बना लिए हैं। जिस कारण आवागमन और पार्किंग व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। लगातार शासन तक अवैध निर्माण की शिकायतें पहुंच रही हैं। शिकायतों में कहा गया है कि परिषद की मिलीभगत से राजेंद्रनगर आवासीय योजना में भी अवैध निर्माण हुए हैं। इससे स्थानीय लोग परेशान हैं। सड़कों तक लोगों ने निर्माण कर लिया है। तमाम मकानों में स्कूल और कॉमर्शियल गतिविधियां हो रही हैं। दर्जनों मकानों को ध्वस्त कर लोगों ने भूमिगत अवैध निर्माण करा लिए हैं।
मॉडल रोड पर हुई खूब मनमानी
सिलेक्शन प्वाइंट से शील चौराहा तक करीब 60 मीटर चौड़ी सड़क है। नगर निगम पिछले काफी समय से इसे मॉडल रोड बनाने की कोशिश कर रहा है। सर्विस लेन बनी तो तमाम लोगों ने अवैध पार्किँग कर कब्जा कर लिया। मेकनियर रोड निवासी एस. मोहन ने प्रमुख सचिव (आवास) समेत विभिन्न अफसराें को पत्र प्रेषित कर अवैध निर्माणों की सूची उपलब्ध कराई है। उन्होंने अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाने और ध्वस्तीकरण का आग्रह किया है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि अवैध निर्माणकर्ताओं ने सभी नियम-कानून ताक पर रख दिए हैं। इसमें परिषद अफसरों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर शिकायत करने पर परिषद स्टाफ सांठगांठ कर वसूली करता है।
परिषद ने जारी किए नोटिस
आवास विकास परिषद ने सलेक्शन टॉवर से शील चौराहा, वी बाजार, सोना शाह बुटीक, सिटी हैंडलूम, सलोनी बुटिक, छाबड़िया नर्सिग होम, हरिकिशन अस्पताल, डॉ. मेंहदीरत्ता, निशांत हाउस, साहिबराम मार्ट, लक्ष्मी टॉवर, एसएसडी प्लाजा, दुआ ड्रेस, भाटिया आउटफिट, आरके नर्सिंग, शरद कोचिंग, कमल डेरी, बांके बिहारी के पास, अनुराग स्टडी सर्किल, डॉ. बाजपेयी, बिजली घर के सामने, अर्बन कोआपरेटिव बैंक के पास बने अवैध निर्माण, भूमिगत निर्माण समेत करीब 40 प्रतिष्ठानों का नोटिस जारी किए हैं।
परिषद ने मांगी फोर्स
आवास विकास परिषद के अफसरों ने जिलाधिकारी नीतीश कुमार से मुलाकात कर अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव सौंपा है। परिषद ने अवगत कराया कि पांच नवंबर से प्रभावित ध्वस्तीकरण अभियान त्योहार होने के कारण स्थगित हो गया था। इसलिए अब ध्वस्तीकरण के लिए फोर्स चाहिए। अफसरों ने बताया कि सूरजभान स्कूल प्रबंधन शर्तों के विपरीत निर्माण कराकर और स्कूल संचालित करा रहा है। परिसर में अवैध तरीके से केनरा बैंक भी संचालित है।
‘अवैध निर्माण, शर्तों के विपरीत प्रतिष्ठान बनाने और मकानों में कारोबार शुरू करने वालों पर परिषद कार्रवाई कर रहा है। परिषद ने राजेंद्रनगर और जनकपुरी क्षेत्र में करीब 40 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनका ध्वस्तीकरण प्रस्तावित है।’
- राजीव कुमार, एक्सईएन, आवास विकास परिषद