बरेली। चार दिन पहले राजेंद्रनगर के क्षेत्रीय डाक कार्यालय में बंदरों के लटकते हुए तार तोड़ने से नेट कनेक्टिविटी क्या फेल हुई, कर्मचारी गेट पर नोटिस लगाने के बाद पैर पर पैर रखकर आराम से बैठ गए। टूटे तारों को दुरुस्त कराने की कोशिश की बात ही छोड़िए, अपने परिवार के एक सदस्य का इलाज कराने के लिए खाते से पैसे निकालने पहुंचे एक खातेदार को चार दिन तक टहलाते रहे। सोमवार को भी यह शख्स डाकघर से पैसा निकालने पहुंचा लेकिन उसे खाली हाथ लौटा दिया गया।
राजेंद्रनगर के रहने वाले प्रमोद कुमार ने बताया कि उनके चाचा गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है जिसके लिए उन्हें डाकघर के अपने एकाउंट से 20 हजार रुपये निकालने हैं। चार दिन पहले शुक्रवार को वह डाकघर पहुंचे तो बताया गया कि बंदरों के तार तोड़ देने से नेट कनेक्टिविटी फेल है, लिहाजा एकाउंट से पैसा नहीं निकल सकता। उन्हें शनिवार को बुलाया गया, शनिवार को पहुंचे तो सोमवार को आने को कहा लेकिन सोमवार को भी न नेट कनेक्टिविटी ठीक हुई न उनका पैसा निकला। उन्होंने बताया कि सोमवार को डाकघर पहुंचे तो वहां गेट पर नेट कनेक्टिविटी फेल होने का नोटिस लगा हुआ था। एकाध कर्मचारी को छोड़कर बाकी स्टाफ भी नदारद था।
किसी भी डाकघर से निकाल लें रकम
एसएसपीओ पीके सिंह ने बताया कि बंदरों के वायर तोड़ने की जानकारी मिली तो टेक्निकल टीम से उसे ठीक करा दिया लेकिन इसके बाद कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव खराब मिली। इसलिए डाटा को सेव कर उसे फार्मेट कराया जा रहा है। इसमें समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि लेनदेन के लिए लोग दूसरे डाकघर पर भी संपर्क कर सकते हैं क्योंकि डाक विभाग में जमा पैसा अब देश के किसी भी डाकघर से निकाला जा सकता है। उन्होंने बताया कि राजेेंद्र नगर डाकघर के स्टाफ को यह बात खातेदारों को बतानी चाहिए थी। इसके लिए वह स्टाफ का जवाबतलब करेंगे।