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चाय के लिए मांगे थे पैसे.. घूस समझ लिया.. ऐसे कैसे चलेगा

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आंवला। ब्लॉक रामनगर में आंगनबाड़ी को पुष्टाहार देने के एवज में सीडीपीओ के रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद जब जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी को न देकर समकक्ष अधिकारी को सौंपी गई, तभी से इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे थे। अब सीडीपीओ ने आंगनबाड़ी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, सहायिका सहित पांच लोगों से लिखवाकर ले लिया है कि सीडीपीओ पुष्टाहार के लिए नहीं बल्कि चाय पीने के लिए पैसे मांग रही थीं। हालांकि एक अधिकारी की ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्हें आंगनबाड़ी वर्कर से चाय पीने के लिए पैसे मांगने पड़े.. यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
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17 अगस्त को ब्लॉक रामनगर की सीडीपीओ कुसुम का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें वह पुष्टाहार देने के लिए एक आंगनबाड़ी वर्कर से रिश्वत मांगती दिखाई दे रही थीं। वीडियो के मुताबिक आंगनबाड़ी वर्कर के 100 रुपये कम देने पर वह रकम यह कहते हुए लौटा देतीं हैं कि पूरा पैसा देने पर ही पुष्टाहार मिलेगा। आंगनबाड़ी वर्कर किराये के लिए पैसे न बचने की बात कहकर 100 रुपये कम लेने की गुजारिश करती हैं, लेकिन वह नहीं मानती हैं और पूरे पैसे देने पर पुष्टाहार देने की बात कहती हैं। वीडियो वायरल होने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी रामभजन सिंह ने मामले की जांच समकक्ष अधिकारी आलमपुर जाफराबाद के सीडीपीओ कृष्णचंद्र को सौंप दी थी। अमर उजाला ने समकक्ष अधिकारी को जांच सौंपी जाने से उसकी निष्पक्षता पर पहले ही सवाल उठाए थे।
‘आंगनबाड़ी वर्कर सहित अन्य लोगों के बयानों का मैंने अध्ययन नहीं किया है। पूरा पढ़ने के बाद ही उच्च अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।’ - कृष्ण चंद्र, जांच अधिकारी
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‘यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस बारे में जांच अधिकारी ही कुछ बता सकते हैं।’ - अरुण कुमार सिंह, एसडीएम आंवला
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