कोर्ट ने आदेश में कहा कि इस मामले में 2022 में गवाही समाप्त हो चुकी है। नौ तारीखें पड़ने के बाद भी बहस नहीं की जा रही है। मुकदमे को विलंबित करने का प्रयास किया जा रहा है। कोर्ट ने अभियुक्त आरिफ अली का गैरजमानती वारंट जारी कर उसे 21 अक्तूबर तक पेश करने का आदेश दिया है।
दुकान पर उसकी आठ साल की बेटी बैठी हुई थी। तभी अजय का बेटा विशाल उनकी दुकान में घुस आया और उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश करने लगा। तभी उनकी पत्नी आ गईं तो आरोपी भाग गया। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील सोनी मलिक ने सात गवाह पेश किए। अदालत ने विशाल गुप्ता को दोषी ठहराते हुए दस साल कैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।