बरेली। महिला, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की मंत्री बेबीरानी मौर्य ने कहा कि ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) सहित सभी संस्थाएं कानूनी तरीके से काम कर रही हैं। विपक्ष के आरोप महज सियासी स्टंट हैं।
वह कलक्ट्रेट परिसर में सोमवार अपराह्न तीन बजे पोषण पखवाड़े के शुभारंभ के अवसर पर लोगों को संबाेधित कर रही थीं। उन्होंने मोटे अनाज के स्टॉल देखे। कोरोना कॉल में जिन बच्चों के माता-पिता में किसी एक का निधन हुआ है, हाईस्कूल और इंटर पास करने पर उनको लैपटॉप दिए। बच्चों को मोटे अनाज खिलाने की सलाह दी। प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया, जिनकी पहल पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2023 को मिलेट वर्ष घोषित किया है।
कैबिनेट मंत्री ने बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर जोर दिया। कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को 15-15 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई। आगे जब वे स्नातक की पढ़ाई करेंगी तो भी सरकार मदद करेगी। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर कहा कि वैसे तो घटना होनी ही नहीं चाहिए, लेकिन अगर हो जाती हैं तो मुख्यमंत्री तत्काल एक्शन लेते हैं।
चार घंटे देरी से पहुंचीं मंत्री
बेबीरानी मौर्य के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 100 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आई थीं। दो घंटे बीत गए तो कार्यकर्ता ऊबने लगीं। सीडीपीओ सहित अन्य अधिकारी उन्हें विभागीय योजनाओं के बारे में समझाते रहे। ढाई से तीन बजे तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गीत और भजन सुनाकर वक्त काटा। चार घंटे की देरी से तीन बजे मंत्री पहुंचीं तो अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
जागरूकता रैली के नाम पर रस्म अदायगी
मोटे अनाज को प्रोत्साहन देने के लिए जागरूकता रैली कलक्ट्रेट और आसपास के क्षेत्र में घुमाई जानी थी, लेकिन मंत्री के विलंब से पहुंचने की वजह से एक ओर इसका उद्घाटन तो दूसरी ओर समापन हो गया। कलक्ट्रेट से मंत्री कार में सवार होकर सर्किट हाउस भी नहीं पहुंच पाईं, तब तक रैली खत्म हो गई।