बरेली। 14 अक्तूबर को होने वाले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 22वें दीक्षांत समारोह से पूर्व जारी की गई मेधावियों की सूची पर आई एकमात्र आपत्ति को खारिज करने के बाद बुधवार को सूची फाइनल कर दी गई। वहीं, समारोह में कुलाधिपति की ओर से तीन प्रोजेक्टों का शिलान्यास कराने का निर्णय लिया गया है।
विवि की ओर से मेधावियों की सूची जारी करने के बाद आपत्तियां दर्ज कराने के लिए तीन दिनों का समय दिया। छह अक्तूबर को रविवार होने से नौ अक्तूबर तक आपत्तियां स्वीकार की गईं। बुधवार तक विवि में मात्र एक आपत्ति आई। अधिष्ठाता छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) प्रो. पीबी सिंह ने बताया कि साहू राम स्वरूप महिला महाविद्यालय से एमए संगीत (तबला) विषय की छात्रा ने आपत्ति दर्ज कराई कि टॉपर्स लिस्ट में शामिल छात्रा अपर्णा के अंक उससे कम हैं। ऐसे में स्वर्ण पदक के लिए वह प्रबल दावेदार हुई।
इसे खारिज करते हुए विवि की ओर से कहा गया कि संबंधित महाविद्यालय में छात्रा संख्या 10 से कम है। ऐसे में उन्हें पदक नहीं दिया जा सकता। सूची पर अंतिम मुहर लगने के बाद प्रमाणपत्र बनने का क्रम शुरू हो गया है। वहीं, अटल सभागार में भी रंग-रोगन समेत अन्य तैयारियां तेज हो गई हैं।
व्हाट्सएप पर भेजा संदेश, कहा- प्रैक्टिकल में कम मिले अंक
डीएसडब्ल्यू के फोन पर धामपुर से एमए इकोनॉमिक्स के छात्र ने संदेश भेजा कि संबंधित विषय के मेधावी को प्रैक्टिकल में अधिक और थ्योरी में कम अंक मिले हैं। जबकि उसके थ्योरी में अधिक और प्रैक्टिकल में ज्यादा है, इसमें महाविद्यालय की ओर से पक्षपात किया गया है। इसलिए वह टॉपर नहीं बन सका। इस संदेश पर विवि की ओर से लिखित में आपत्ति दर्ज कराने के लिए कहा गया तो उसने कोई पत्र नहीं भेजा, जिस कारण आपत्ति दर्ज नहीं की गई।
तीन प्रोजेक्टों का कुलाधिपति करेंगी शिलान्यास
कुलपति प्रो. केपी सिंह के अनुसार विवि को पीएम-उषा योजना के तहत 100 करोड़ रुपये का अनुदान मिला था। इससे परिसर में शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल लर्निंग हब, विदेश से आने वाले विद्यार्थियों व शिक्षकों के ठहरने के लिए इंटरनेशनल ट्रांजिट छात्रावास व स्टार्टअप को धरातल पर उतरने के लिए इन्क्यूबेटिंग पायलट फैसिलिटी के प्रोजेक्ट का राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शिलान्यास करेंगी। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भी आएंगे। वहीं डॉ. बीआर अंबेडकर एनआईटी जालंधर के निदेशक के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पर चर्चाएं हैं। संवाद