हमले के बताए जा रहे 11 में से बरेली जिले में केवल चार मामले, चार जोन के दूसरे जिलों के
बरेली। बरेली के कोरोना मुक्त होने की खुशी के साथ ही यहां की भूमिका लॉकडाउन के दिनों में कानून व्यवस्था के मामले में असंतोषजनक पाई गई। शासन स्तर से जारी आंकड़ों के बाद स्थानीय अफसरों ने जब इन मामलों की जानकारी कराई तो शनिवार शाम तक बरेली जोन में कोरोना योद्धाओं पर हमले के केवल आठ केस मिले। बाकी मामलों में भी एडीजी दफ्तर से पड़ताल कराई जा रही है।
शासन स्तर से जारी सूची में बरेली जिले में लॉकडाउन के दिनों में पुलिस पर हमलों के आठ, स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले के दो और राजस्व कर्मियों पर हमले के एक समेत कुल 11 मामले बताए गए। इनके आधार पर बरेली में कानून व्यवस्था की स्थिति को असंतोषजनक दर्शाई गया। वहीं बदायूं जिले में तब्लीगी जमात के लोगों की संख्या 31 होने से वहां की स्थिति गड़बड़ रही। पीलीभीत और शाहजहांपुर की स्थिति संतोषजनक बताई गई जबकि मुरादाबाद रेंज के पांचों जिलों की स्थिति असंतोषजनक बताई।
बरेली के 11 मामलों की जानकारी पर स्थानीय अफसरों ने जानकारी कराई तो आंकड़े सही नहीं पाए गए। एसएसपी का स्टाफ पुलिस पर हमलों के मामलों की डिटेल नहीं जुटा सका। एडीजी दफ्तर भी पूरे जोन में आठ मामलों की ही डिटेल जुटा सका। इनमें बरेली में हमले के चार मामले इज्जतनगर, प्रेमनगर, भुता और बिथरी चैनपुर में मिले। वहीं, पीलीभीत के बरखेड़ा, रामपुर के टांडा, शाहजहांपुर के सेहरामऊ दक्षिणी और मुरादाबाद के नागफनी में एक-एक मामला दर्ज मिला है।
लॉकडाउन में कानून व्यवस्था को लेकर हमले के जो 11 मामले बरेली में दिखाए गए हैं, वह संख्या सही नहीं लग रही है। सही स्थिति दिखवाई जा रही है। जल्दी ही इसे स्पष्ट किया जाएगा। - राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी रेंज