स्वास्थ्य विभाग के निदेशक से अधिकारियों ने की दो और प्लांट लगाने की सिफारिश
बरेली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि कोविड चिकित्सालय में स्थापित किया गया ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता अस्पताल के सभी तीन सौ बेड पर सप्लाई के लिए पर्याप्त नहीं है। रविवार को निरीक्षण करने आए स्वास्थ्य निदेशक डॉ. आलोक कुमार से उन्होंने चिकित्सालय समेत जिला अस्पताल में भी प्लांट लगाने की सिफारिश की। निदेशक ने प्रस्ताव से शासन को अवगत कराने की बात कही है।
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. आलोक कुमार ने रविवार को तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय का निरीक्षण किया। सबसे पहले वह ऑक्सीजन प्लांट पहुुंचे। अफसरों ने उन्हें बताया कि प्लांट स्थापित होने के बाद पाइप लाइन भी बनाई जा चुकी है और कनेक्शन का क ार्य भी हो चुका है। अफसरों ने बताया कि प्लांट की क्षमता इतनी नहीं है कि उससे अस्पताल के सभी बेड पर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सके। यह प्लांट अधिकतम दो सौ बेड पर ही आपूर्ति कर पाएगा। अफसरों ने कहा कि यह प्लांट एक हजार लीटर की क्षमता का है जबकि अस्पताल में करीब दो हजार लीटर की क्षमता के प्लांट की जरूरत है। अफसरों ने जिला अस्पताल में भी पांच सौ लीटर की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट बनाए जाने का अनुरोध किया। निदेशक ने प्रस्ताव से शासन को अवगत कराने को कहा है।
प्लांट के बाद डॉ. श्लोक कुमार ने पीआईसीयू, आईसीयू, इमरजेंसी, जनरल वार्ड, एल-2 और एल-3, फ्लू कॉर्नर पर सैंपलिंग आदि व्यवस्थाएं देखीं। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी ली। सीएमओ ने बताया कि बहेड़ी और मीरगंज सीएचसी के ाथ जिला महिला अस्पताल में भी प्लांट लगाया जा चुका है। निजी अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में भी व्यवस्था की गई है। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग, एसीएमओ डॉ. आरएन गिरी, डॉ. वागीश वैश, सुधांशु भी मौजूद रहे।
नवाबगंज में व्यवस्थाएं मिलीं दुरुस्त
कोविड चिकित्सालय का निरीक्षण करने के बाद निदेशक नवाबगंज सीएचसी पहुंचे। एमओआईसी डॉ. अजमेर सिंह से कोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए व्यवस्थाओं पर सवाल पूछे। उन्होंने कोविड मरीजों के लिए बनाए गए पीआईसीयू, बच्चा वार्ड, जनरल वार्ड और आदि व्यवस्थाएं देखी। निदेशक व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलने पर संतोष जताते हुए आवश्यक दिशानिर्देश दिए।