बरेली के मलूकपुर में लाल मस्जिद के पास स्थित मोहम्मद अशरफ के सौ साल पुराने जर्जर मकान का एक हिस्सा सोमवार शाम सवा छह बजे भरभराकर गिर गया। मंगलवार दोपहर इसका फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर अफसरों ने संज्ञान लिया। नगर आयुक्त ने मौके पर टीम भेजी।
शहर के विभिन्न हिस्सों में 250 से अधिक जर्जर मकान हैं, जो बड़े हादसों की वजह बन सकते हैं। नगर निगम की कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक सिमटी हुई है। कुछ दिन पहले सुभाषनगर में सौ साल से ज्यादा पुराना जर्जर मकान गिर गया था। इसके बावजूद जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी।
जर्जर मकान का हिस्सा अब तक नहीं हटाया गया
पड़ोसी जुनैद खान ने बताया कि अब भी मोहम्मद अशरफ के जर्जर मकान का बड़ा हिस्सा मौके पर खड़ा है। उसे हटाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। मजदूरी करने वाले मोहम्मद अशरफ के पास तो मलबा हटवाने तक के रुपये नहीं हैं।
उन्होंने भाई से आर्थिक मदद दिलाई तो मलबा हटा। मंगलवार शाम को जर्जर हिस्से की ईंटें फिर गिरीं और उनके आंगन तक आईं। निगम की टीम मौका मुआयना कर चली गई। जेई ने जर्जर हिस्से को गिरवाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को प्रार्थनापत्र देने की सलाह दी है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने बताया कि शहर में जो भी मकान जर्जर हैं, उनके स्वामियों को नोटिस दिए जा चुके हैं। मलूकपुर क्षेत्र में ऐसे भवनों और उन पर हुई कार्रवाई के संबंध में टीम से रिपोर्ट मांगी गई है।
गांव सोरहा में ढहे तीन मकान
फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में बारिश से गांव सोरहा में मंगलवार सुबह तीन मकान की छत गिर गई। ग्रामीणों के अनुसार, लगातार हो रही बारिश से गांव निवासी रंजीत के पुराने लिंटर का आधा हिस्सा गिर गया। परिजन नीचे सो रहे थे, लेकिन लिंटर के दूसरी तरफ का हिस्सा गिरने से वे बच गए।
लाल सिंह और शौकत अली का कच्चा मकान भी भर-भराकर गिर गया। इसमें लाल सिंह की गाय जख्मी हो गई। ग्राम प्रधान शाकिर हुसैन की सूचना पर राजस्व टीम ने मौके की जांच करके रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी है।