शहर जाम से जूझ रहा है और जाम की वजह बने शहामतगंज और आईवीआरआई फ्लाईओवर पूरा होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसा नहीं कि अफसर काम नहीं करा रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि पहले के बजाए अब काम सिर्फ चलता भर दिख रहा है, क्योंकि अफसर कशमकश में हैं कि काम तेजी से कराएं या धीमी गति से। दरअसल राजनीतिक हलकों से खबर है कि भाजपाई दिग्गज फ्लाईओवर जल्द पब्लिक को देना चाहते हैं। शहामतगंज फ्लाईओवर तो हरहाल में 31 दिसंबर से पहले। मगर सपा सरकार में अब से पहले काम लेते रहे दिग्गजों का अफसरों पर दबाव है कि फ्लाईओवर की गति मेयर चुनाव के नतीजे आने के बाद तय करें। अफसर इस मामले में इस कदर उलझे हैं कि न तो निगलने के और न उगलने के। उनकी इस मनोस्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे कभी बीमारी की वजह से तो कभी कुछ वजहों से छुट्टी चले जाते हैं, फिर काम घिसटने लगता है।
शहामतगंज फ्लाईओवर मिलने से यातायात सुगम होने के साथ ही जाम की समस्या पर अंकुश लगेगा। सेतु निगम ने इसका निर्माण बीते साल अक्तूबर में शुरू किया था। निर्माण पूरा करने का लक्ष्य तो मार्च 2018 है, लेकिन दिसंबर तक इस पर यातायात शुरू किया जाना है। बीच में काम ठप जैसा हो गया था, जब वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने नाराजगी जताई तो काम में तेजी आई। इससे पहले कभी जीएसटी तो कभी बजट के बहाने से काम प्रभावित रहा।
शहदाना चौराहे पर काम शुरू
शहदाना चौराहे पर फ्लाईओवर पर स्पैैल डालने का काम शुरू हो गया है। शहामतगंज चौराहे के बाद यह दूसरा लंबा स्पैल डाला जा रहा है। इसके अलावा एक-एक और छोटा जोड़ पूरा किया जाना है। विभागीय अफसरों ने बताया कि अगले माह दिसंबर तक निर्माण पूरा हो जाएगा।
लाल फाटक प्रोजेक्ट आगे बढ़ा
सेतु निगम अफसरों ने बताया कि लाल फाटक ओवर ब्रिज के निर्माण को सभी उपकरण साइट पर पहुंच गए हैं। काम भी शुरू कर दिया है, अगले माह से काम में तेजी आएगी। उनका कहना है कि अभी सड़क किनारे से पेड़ और अतिक्रमण हटाया जा रहा है।
फोटो लगवा दें: राजेश अग्रवाल, वित्तमंत्री
‘शहामतगंज और आईवीआरआई प्रोजेक्ट मार्च, 2018 तक पूरे किए जाने हैं, लेकिन दोनों निर्माण कार्य अगले माह दिसंबर तक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। वांछित बजट आदि विभाग ने उपलब्ध करा दिया है। दोनों प्रोजेक्ट कंपलीट होने पर जाम की समस्या पर अंकुश लगेगा।’
- राजेश अग्रवाल, वित्तमंत्री