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सेटेलाइट चौराहे पर ओवरब्रिज बनने की उम्मीद बढ़ी

Sat, 18 Nov 2017 02:12 AM IST
बरेली।
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सेटेलाइट चाौराहा
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शहामतगंज के बाद अब सेटेलाइट चौराहे पर भी ओवरब्रिज बनने की उम्मीद बढ़ गई है। जीएसटी लागू होने के बाद सेतु निगम ने ओवरब्रिज का बढ़ी दरों पर संशोधित एस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया है। नए एस्टीमेट में ओवरब्रिज की लागत 2.5 करोड़ तक बढ़ गई है। निकाय चुनाव की आचार संहिता हटते ही एस्टीमेट मंजूर होने की उम्मीद है। नए साल पर बरेली की जनता को सेटेलाइट पर नए ओवरब्रिज का तोहफा मिल सकता है। 
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 प्रदेश के वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने अपनी पहली प्रेस कान्फ्रेंस में सेटेलाइट पर नया ओवरब्रिज बनाकर इस चौराहे को जाम मुक्त कराने की घोषणा की थी। इसी के साथ ही उन्होंने चौपुला ओवरब्रिज को वाईशेप बनाने और किला ओवरब्रिज के बराबर में नया टू लेन ओवरब्रिज बनाने की बात कही थी। वित्तमंत्री के प्रस्ताव पर सेतु निगम ने जून में ही सभी फ्लाईओवरों का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद शासन ने सभी फ्लाईओवरों के एस्टीमेट सेतु निगम को वापस कर पुराने एस्टीमेट में जीएसटी जोड़कर नई लागत से एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए थे। 
इस पर सेतु निगम ने सेटेेलाइट पर 596.80 मीटर लंबे ओवरब्रिज निर्माण का नया एस्टीमेट बनाया है। संशोधित एस्टीमेट के अनुसार सेटेलाइट चौराहे पर टू लेन ओवरब्रिज बनेगा जिसकी चौड़ाई 7.5 मीटर होगी। सेटेलाइट चौराहे से शाहजहांपुर रोड पर ओवरब्रिज की लंबाई 300 मीटर होगी। चौराहे से ईसाईयों की पुलिया की ओर भी ओवरब्रिज की लंबाई 300 मीटर ही रखी गई है। ओवरब्रिज में 14 पिलर बनेंगे। जीएसटी लागू होने के बाद ओवरब्रिज निर्माण की लागत करीब 2.50 करोड़ बढ़ गई है। पहले ओवरब्रिज की लागत 35.07 करोड़ रखी गई थी। 
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सेटेलाइट चौराहे पर ओवरब्रिज (एक नजर में)
लंबाई: 596.80 मीटर
चौड़ाई: 7.5 मीटर
लागत: 3749.22 लाख (संशोधित)
पुराने एस्टीमेट में लागत: 3507 लाख   

गेल की आपत्तियां दरकिनार 
गेल इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक राजेंद्र धाबेकर ने छह नवंबर, 2017 को उप परियोजना प्रबंधक सेतु निगम को पत्र लिखकर सेटेलाइट चौराहे पर ओवरब्रिज बनाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी। पत्र में कहा गया था कि बरेली-शाहजहांपुर मार्ग के किनारे सेटेलाइट चौराहे पर हाई प्रेशर पाइप लाइन बिछी हुई है। इस पाइप लाइन से सीयूजीएल को गैस की आपूर्ति की जा रही है। यह गैस पीलीभीत बाईपास रोड की विभिन्न कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के घरों में जाती है। पाइप लाइन शिफ्ट करते वक्त गैस की आपूर्ति संभव नहीं है। अगर ओवरब्रिज बनता है तो शहर को गैस उपलब्ध नहीं हो पाएगी। इसलिए गैस पाइप लाइन किसी अन्य जगह पर शिफ्ट करना संभव नहीं है। गेल प्रबंधक का कहना है कि प्रस्तावित ओवरब्रिज के पिलर पाइप लाइन से कुछ दूरी पर लगाएं तो गैस की आपूर्ति होती रहेगी। हालांकि सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक का कहना है कि फ्लाईओवर अपनी डिजाइन से ही बनेगा। अगर प्रशासन और गेल की एनओसी की जरूरत होगी तो उसे प्राप्त कर लिया जाएगा।    

कोट--
सेटेलाइट पर नए ओवरब्रिज का संशोधित एस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया गया है। निकाय चुनाव की आचार संहिता के बाद अगर यह एस्टीमेट स्वीकृत होता है तो नए साल में मार्च या अप्रैल से ओवरब्रिज बनाना शुरू कर देंगे। गेल की आपत्तियों से हम सहमत नहीं है। प्रशासन से उसकी एनओसी लेने की बात हमने उनको बता दी है। - सूरज कुमार गर्ग, प्रोजेक्ट मैनेजर सेतु निगम 
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