अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बड़ा अंतर, डॉक्टरों ने बताया बीमारियों का मौसम
बरेली। दो दिन पहले हुई बारिश से आसमान साफ होने के बाद कोहरे की शुुरुआत हो गई है। मौसम विज्ञानियों ने अगले पांच दिनों तक कोहरा और घना होने के साथ अगले हफ्ते फिर बारिश होने का अनुमान जताया है। यह भी दावा किया है कि इसके बाद तेजी से सर्दी बढ़ेगी। उधर, कई दिन से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 13 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर बने रहने की वजह से डॉक्टरों ने इसे बीमारियों का मौसम बताते हुए लोगों से एहतियात बरतने को कहा है।
दो दिन से आसमान साफ होने के बाद दिन में अच्छी धूप खिल रही है। इसके साथ सुबह और शाम के वक्त कोहरा छाने लगा है और ठंड भी बढ़ गई है। आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक हवा की गति स्थिर होने की वजह से करीब पांच दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने की उम्मीद है। पांच दिन बाद हवाओं की दिशा बदलने के साथ फिर हल्के बादल मंडरा सकते हैं। बारिश होने के बाद ठंड और बढ़ेगी। बुधवार को अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री और न्यूनतम 13.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग की वेबसाइट आईएमडी के मुताबिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कई दिन से 13 से 15 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर रिकॉर्ड हो रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक तापमान में सात डिग्री से कम और 10-12 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा का अंतर शरीर पर खराब प्रभाव डालता है। कुछ घंटे तक गर्मी और फिर ठंड की स्थिति शारीरिक क्रियाओं को प्रभावित करती है। वायरल का हमला न भी हो तो तापमान भी शरीर को प्रभावित करता है।
रहें सतर्क, यह मौसम कोरोना के लिए भी माफिक
बरेली। मौसम का मिजाज बदल रहा है। इस दौरान बरती गई लापरवाही बीमार कर सकती हैं। सुबह-शाम तापमान गिरने और दोपहर में तेज धूप के कारण सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे ही लक्षण कोरोना संक्रमण के भी होते हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने वायरल से ग्रसित लोगों को कोरोना टेस्ट कराने का सुझाव दिया है। चिकित्सकों का कहना है कि ये मौसम कोरोना वायरस के लिए माफिक है, लिहाजा सतर्कता जरूरी है।
जिला अस्पताल में अब तक टाइफाइड, मलेरिया आदि बुखार के पीड़ितों की भीड़ सरकारी अस्पतालों में नजर आ रही थी मगर अब सर्दी, खांसी, जुकाम, वायरल और एलर्जिक रोगों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज पांच सौ से आठ सौ तक परचे बन रहे हैं। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों का भी है। सीएमएस डॉ. हर्षवर्धन के मुताबिक इन दिनों मौसम परिवर्तन के कारण रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मरीजों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए दवाएं और ओपीडी की व्यवस्था शुरू हो गई है।
तीन बीमारियों के लक्षण कोरोना जैसे
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वागीश वैश्य के मुताबिक बदलते मौसम में बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम आदि सामान्य वायरल बीमारियां होती हैं। इसके अलावा मलेरिया, डेंगू के भी लक्षण लगभग कोरोना संक्रमण जैसे ही होते हैं। ऐसे में अगर ऐसा कोई लक्षण दिखाई दे तो जांच जरूर कराएं। बगैर चिकित्सक के परामर्श के दवाओं का सेवन न करें। जांच कराएं ताकि वास्तविक बीमारी पता चल सके और उसके अनुसार ही दवाओं का सेवन करें।
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखें
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुदीप सरन के मुताबिक मौसम बदलना शुरू होते ही इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है। अलग-अलग बैक्टीरिया और वायरस ऐसे में सक्रिय हो जाते हैं। इम्यून सिस्टम कमजोर हो तो बैक्टीरिया शरीर में आसानी से हमला कर देते हैं। अक्सर सामान्य बीमारियां भी लापरवाही से गंभीर बन जाती हैं। लोगों को इस मौसम में खानपान और दिनचर्या में सावधानी की जरूरत है। सफाई का ध्यान रखें और दो गज दूरी और मास्क जरूरी की टैग लाइन का पालन करें।
दिल्ली से आने वाले बिना जांच घर न जाएं
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मरीजों को देखते हुए दिल्ली से बरेली लौट रहे लोगों को बगैर जांच कराए घर न जाने का सुझाव दिया है। उनके मुताबिक दिल्ली और उससे सटे जिलों में हाल ही में किसी काम से जाने वाले लोग बरेली लौट रहे हों तो कोरोना की जांच जरूर कराएं। संभव हो तो होम क्वारंटीन के नियम का भी पालन करें।