कार्यकर्ता अनिल सिंह राठौर, पवन श्रीवास्तव, हिमांशु सोलंकी का कहना था कि 140 की क्षमता वाली गोशाला में पशुओं की स्थिति काफी खराब है। ठंड से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। गायों को पर्याप्त चारा नहीं मिल रहा है। गोशाला के समीप ही गड्ढे में पांच गोवंशीय पशुओं के शव पड़े थे, जिनको जानवर नोच रहे थे। गोशाला के भीतर भी यहां-वहां गायों के अवशेष पड़े मिले।
आंवला के एसडीएम नहने राम ने बताया कि हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं के आरोप निराधार है। मौके पर तहसीलदार, बीडीओ व पुलिस अधिकारी पहुंचे थे। वहां एक गोवंशीय पशु का शव मिला है, जो गोशाला के बाहर का है। उसको दफन करा दिया गया है।