बरेली। आरवीएनएल और इज्जतनगर रेल मंडल के बीच इलेक्ट्रिक इंजन के ट्रायल को लेकर हुई वार्ता बेनतीजा ही समाप्त हो गई। अब इरकॉन से लाइन का फिट सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही ट्रायल होगा। संभावना है कि पांच से आठ मार्च तक इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल हो सकता है। अंतर सिर्फ यह रहेगा कि अब ट्रायल कासगंज से बमियाना तक लगभग 95 किलोमीटर के सेक्शन में होगा।
मंगलवार को आरवीएनएल (रेल विकास निगम लिमिटेड) और इज्जतनगर रेल मंडल के अधिकारियों के बीच इलेक्ट्रिक इंजन के ट्रायल को लेकर बातचीत शुरू हुई। कोई नतीजा न निकलते देख मंडलीय अधिकारियों ने इरकॉन (भारतीय रेलवे कंस्ट्रक्शन लिमिटेड) से ओएचई लाइन का फिट सर्टिफिकेट देने की बात कही। इसके बाद आरवीएनएल के अधिकारी पीछे हट गए। अब आरवीएनएल के अधिकारी फिटनेस सर्टिफिकेट की जुगत में लग गए हैं। इसके बाद पांच से आठ मार्च तक कासगंज से बमियाना तक इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल होगा।
गौरतलब है कि सोमवार को कासगंज से उझानी तक इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल होना था। ट्रायल का समय पहले अपराह्न दो बजे, उसके बाद शाम चार बजे और फिर दस बजे करते हुए अंत में ट्रायल ही निरस्त कर दिया गया, जिसके चलते आरवीएनएल के 80-85 कर्मचारियों को सोमवार देर रात तक परेशान होना पड़ा। ट्रायल निरस्त किए जाने को लेकर रेलवे के अधिकारियों का तर्क था इरकॉन ने 150-200 मीटर के पैच में लाइन क्लीयर नहीं दी है। इस कारण हादसा संभव था, जिससे रेल यातायात बाधित होता। इसी कारण ट्रायल को टाल दिया गया।
अब 95 किलोमीटर के सेक्शन में होगा ट्रायल
आरवीएनए और रेलवे के अधिकारियों के बीच काफी लंबी वार्ता हुई। तय हुआ कि ओएचई लाइन का फिट सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही इलेक्ट्रिक इंजन से कासगंज से बमियाना तक लगभग 95 किलोमीटर के सेक्शन में लाइन की टेस्टिंग कराई जाएगी।
- राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल
इज्जनगर मंडल में पहली बार उझानी में लगेगा स्पेशल पोर्टल
इज्जतनगर मंडल के सभी स्टेशनों में उझानी की लोडिंग साइड प्लेटफार्म संख्या-चार 42 मीटर से अधिक है। इसलिए यहां स्पेशल पोर्टल लगाने और वायरिंग खींचने का काम बाकी है, जिसे एक-दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा। यह स्पेशल पोर्टल इज्जतनगर मंडल में पहली बार उझानी में ही लगाया जा रहा है।
- कृष्ण मोहन विश्वकर्मा, मैनेजर, आरवीएनएल इज्जतनगर
कन्नौज से फर्रुखाबाद तक सीआरएस निरीक्षण आज
कन्नौज से फर्रुखाबाद तक सीआरएस (मुख्य संरक्षा आयुक्त) निरीक्षण 26 फरवरी को होगा। सीआरएस मोहम्मद लतीफ खान मुख्यालय गोरखपुर और इज्जतनगर रेल मंडल के अधिकारियों के साथ कन्नौज से सुबह साढ़े दस बजे स्पीड निरीक्षण करेंगे। 58 किलोमीटर सेक्शन के निरीक्षण के बाद सीआरएस रिपोर्ट देंगे, जिसके बाद मथुरा से कन्नौज तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ना शुरू हो जाएंगी। संवाद